अरावली बचाओ रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में बहस, डीजे साउंड को लेकर हुआ विवाद

अजमेर शहर में ‘अरावली बचाओ’ अभियान के तहत निकाली गई कांग्रेस की रैली के दौरान उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब कांग्रेस कार्यकर्ता अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर पैदल मार्च निकाल रहे थे।

अरावली बचाओ रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में बहस, डीजे साउंड को लेकर हुआ विवाद

अजमेर। अजमेर शहर में ‘अरावली बचाओ’ अभियान के तहत निकाली गई कांग्रेस की रैली के दौरान उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब कांग्रेस कार्यकर्ता अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर पैदल मार्च निकाल रहे थे।

इसी दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह ने डीजे साउंड बजाने पर आपत्ति जताते हुए रैली को रोकने का प्रयास किया। इस पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल पुलिस के विरोध में उतर आए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता डीजे साउंड के साथ रैली निकालेंगे और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

कुछ समय तक पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच कड़ी नोकझोंक और विरोध चला। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए रैली को आगे बढ़ाने की मांग की। आखिरकार बहस के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीजे की धुन पर रैली निकालते हुए मार्च को आगे बढ़ाया।

शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी रैली

‘अरावली बचाओ’ रैली अजमेर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों से अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए समर्थन मांगा। मार्च के दौरान पर्यावरण सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और अरावली को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ जोरदार नारे लगाए गए।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि अरावली सिर्फ एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन और जल संरक्षण की रीढ़ है, और इसके संरक्षण के लिए जनआंदोलन जरूरी है।