ज्ञानी बाबा जी का बिगड़ते रिश्तों पर अमर ज्ञान, रिश्ता बचाना है तो जरूर पढ़ो - (सीधा, कड़वा, लेकिन सच्चा)

"बेटा, रिश्ते दो तरह के लोग बिगाड़ते हैं एक जो बहुत बोलते हैं, दूसरा जो बिलकुल नहीं बोलते पहले वाले का अहंकार बोलता है, दूसरे वाले का घमंड चुप रहता है। दोनों में नुकसान एक ही है प्यार मर जाता है

"बेटा, रिश्ते दो तरह के लोग बिगाड़ते हैं एक जो बहुत बोलते हैं, दूसरा जो बिलकुल नहीं बोलते

पहले वाले का अहंकार बोलता है, दूसरे वाले का घमंड चुप रहता है। दोनों में नुकसान एक ही है प्यार मर जाता है

"फिर बाबा जी ने 7 सूत्र सुनाए, जो बिगड़े रिश्तों को भी जीवित कर सकते हैं (अगर दोनों तरफ़ से थोड़ा भी मन बचा हो):गलती स्वीकार करने में देर मत करो

"सॉरी" बोलने से तुम छोटे नहीं होते, तुम्हारे रिश्ते की उम्र बढ़ती है। जो आज अहंकार में चुप रह गया, कल अकेला रोएगा।

1. जो बीत गया, उसे दफ़न कर दो

पुरानी बातें निकाल-निकाल कर मारोगे तो रिश्ता लाश बन जाएगा। एक बार माफ़ किया तो सच में माफ़ करो, कब्रिस्तान में फूल चढ़ाने से मुर्दा जिंदा नहीं होता

2. सुनने की बीमारी ठीक करो

ज़्यादातर झगड़े इसलिए होते हैं क्योंकि दोनों बोल रहे होते हैं, कोई सुन नहीं रहा। एक कान से सुनो, दूसरे से निकाल दो नहीं – दोनों कानों से सुनो, दिल से समझो

3. तारीफ़ करना सीखो, छोटी-छोटी बातों की भी

"वाह, आज चाय बहुत अच्छी बनी", "तुमने शर्ट बहुत अच्छी पहनी"  ये १० सेकंड की बातें सालों का साथ जोड़ती हैं। कंजूसी तारीफ़ में मत करो

4. स्पेस दो, लेकिन गायब मत हो जाओ

रिश्ते को साँस लेने दो, पर ऑक्सीजन बंद मत कर दो। "मैं हूँ" का अहसास ज़िंदा रखो

5. गुस्सा आए तो मुँह बंद, हाथ-पैर चलाओ

गुस्से में जो बोल गए, वो वापस नहीं आता। चुप रहो, टहल आओ, पानी पी लो। ठंडा दिमाग सबसे महंगा तोहफ़ा है जो तुम अपने रिश्ते को दे सकते हो

6. अंत में एक बात याद रखो

"जिस रिश्ते में दोनों तरफ़ से कोशिश बंद हो जाए, वो रिश्ता नहीं, आदत बन जाता है। और आदतें टूटती हैं, रिश्ते नहीं टूटने चाहिए

बाबा जी ने चिलम का कश लगाया और बोले:

"अब जा, जिससे रिश्ता बिगाड़ रखा है, उसका हाथ पकड़ और बोल ‘मैंने अपनी तरफ़ से गलती की, अब तू भी कोशिश कर। चल, फिर से शुरू करते हैं।’ बाकी ऊपर वाला देख लेगा।"ॐ शांति।