दौसा प्रिंस हत्याकांड में बड़ा खुलासा: ड्रोन और GPR जांच से मिले अहम सुराग

दौसा के प्रिंस उर्फ टिल्लू हत्याकांड में ड्रोन और GPR तकनीक से जांच तेज। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास दफन शव की लोकेशन तलाशने में मिले अहम सुराग।

दौसा प्रिंस हत्याकांड में बड़ा खुलासा: ड्रोन और GPR जांच से मिले अहम सुराग

राजस्थान के दौसा जिले में छह साल पुराने चर्चित प्रिंस उर्फ टिल्लू हत्याकांड में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। पुलिस ने इस मामले में आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन और ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन से जांच शुरू की है, जिससे कई अहम सुराग सामने आए हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, साल 2020 में लापता हुए 4 वर्षीय प्रिंस की हत्या कर शव को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास दफनाने की बात आरोपियों ने कबूल की थी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद इलाके की भौगोलिक स्थिति बदल चुकी है, जिससे शव की सटीक लोकेशन ढूंढना चुनौती बन गया था।

इसी वजह से अब पुलिस ने हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। GPR मशीन के जरिए जमीन के नीचे की संरचनाओं को स्कैन किया जा रहा है, जिससे बिना खुदाई किए संदिग्ध स्थानों की पहचान हो सके। इस मशीन ने कई जगहों पर असामान्य संकेत दिए हैं, जिन्हें जांच टीम ने चिन्हित कर लिया है।

इसके साथ ही ड्रोन सर्वे के जरिए पूरे इलाके की मैपिंग की जा रही है, ताकि पुराने सबूतों और वर्तमान स्थिति के बीच तालमेल बैठाया जा सके। जांच में वर्ष 2020 का एक महत्वपूर्ण CCTV फुटेज भी मिला है, जो घटनास्थल की पहचान करने में मददगार साबित हो रहा है।

पुलिस अब चिन्हित स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से खुदाई की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि GPR से मिली रिपोर्ट और ड्रोन डेटा के आधार पर जल्द ही खुदाई शुरू की जाएगी, जिससे इस बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।

यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और पीड़ित परिवार पिछले छह वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। अब तकनीक के सहारे पुलिस सच तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस हत्याकांड का पूरा सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।