अजमेर में दर्दनाक हादसा, पूर्व प्रधान समेत परिवार के 4 लोग जिंदा जले
अजमेर में पूर्व सरपंच समेत परिवार के चार सदस्यों की स्कॉर्पियो कार में जिंदा जलने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया.
राजस्थान के अजमेर में अराई इलाके के बोराणा गांव में सुबह-सुबह दर्दनाक घटना सामने आई है। पूर्व सरपंच और कांग्रेस नेता राम सिंह चौधरी अपनी मां, दूसरी पत्नी और भांजी के साथ अस्पताल की ओर जा रहे थे. तभी उनकी स्कॉर्पियो कार अचानक आग की भयंकर लपटों में घिर गई. गाड़ी इतनी तेजी से जलने लगी कि अंदर बैठे चारों लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला, गाड़ी में मौजूद सभी लोग जिंदा जल गए. इस हादसे ने न सिर्फ पूरे गांव को सन्न कर दिया बल्कि पूरे मामले में अब हत्या को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक राम सिंह चौधरी की कार में अचानक आग लग गई और पूरी कार आग का गोला बन गई. मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने देखा कि स्कॉर्पियो पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर के शव बुरी तरह जलकर काले पड़ गए थे. घटना की सूचना मिलते ही अजमेर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की कमान संभाली.

मामले में नया और गंभीर मोड़ तब आया जब राम सिंह के घर के कच्चे हिस्से में खून के निशान मिले. ये खुलासा पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना गया है. पुलिस अब इस पहलू की भी गहन तफ्तीश कर रही है कि क्या घर में किसी तरह की मारपीट या हमला हुआ था, जिसके बाद परिवार के सदस्य अस्पताल जा रहे थे.
रामसिंह की दोनों पत्नियों से विवाद
जानकारी के मुताबिक, राम सिंह चौधरी की पहली पत्नी, जो जिला परिषद सदस्य भी रह चुकी हैं, घटना के समय घर पर ही थीं. उनकी दूसरी पत्नी और संतानें भी घर पर मौजूद थीं. ग्रामीणों का कहना है कि राम सिंह की दोनों पत्नियों के बीच लंबे समय से कुछ विवाद चल रहे थे, जिसकी वजह से गांव में पहले भी तनाव की स्थिति रही है. हालांकि, इस बात की पुष्टि पुलिस ने अभी नहीं की गई है. ग्रामीणों ने दबी जुबान में इस घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए कहीं न कहीं किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा किया है. उन्होंने बताया कि राम सिंह चौधरी राजनीतिक रूप से सक्रिय नेता थे और उनके कई दुश्मन भी थे. घटना से ठीक एक रात पहले राम सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सुरक्षा की गुहार लगाई थी. इसके बावजूद उनकी सुरक्षा हाल ही में वापस ले ली गई थी. एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने इस बात की पुष्टि की कि राम सिंह ने सुरक्षा मांगी थी, लेकिन उसे हटा दिया गया था.
पुलिस दोहरे एंगल से कर रही जांच
पुलिस इस मामले को दोहरे एंगल से देख रही है एक तरफ तो टेक्निकल हादसा हो सकता है तो दूसरी तरफ हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने राम सिंह की बड़ी पत्नी और उनके बच्चों को नजरबंद रखा है और उनसे पूछताछ जारी है. फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं. स्कॉर्पियो के इंजन, पेट्रोल टैंक और अन्य पार्ट्स की जांच की जा रही है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो आग की वजह और मौत का सही समय बताएगी.
JP Sharma 
