वायरल 'महाकुंभ गर्ल' मोनालिशा की सुरक्षा हटी, कोर्ट बोला- सामने आएंगी तो मिलेगी सुरक्षा
Kerala High Court: महाकुंभ में वायरल हुई युवती को दी गई पुलिस सुरक्षा केरल हाई कोर्ट ने वापस ले ली। पुलिस युवती का पता नहीं लगा सकी। जानें कोर्ट के फैसले और पूरे मामले की अहम बातें।
केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अपने पहले दिए गए अंतरिम आदेश में बदलाव करते हुए उस युवती को दी गई पुलिस सुरक्षा वापस लेने का निर्देश दिया, जो प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थी। अदालत ने यह फैसला पुलिस की उस रिपोर्ट के आधार पर लिया, जिसमें बताया गया कि युवती का पता नहीं चल सका और सुरक्षा आदेश लागू करना संभव नहीं हो पाया।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि युवती भविष्य में स्वयं पुलिस या अदालत के सामने सुरक्षा की मांग लेकर आती है, तो उसे तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस नहीं खोज सकी युवती
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि सुरक्षा देने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन युवती का वर्तमान ठिकाना नहीं मिल सका। इसके बाद जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की पीठ ने पहले जारी किया गया अंतरिम सुरक्षा आदेश वापस ले लिया।
अदालत ने कहा कि फिलहाल अंतरिम आदेश समाप्त किया जाता है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
जान का खतरा बताते हुए मांगी थी सुरक्षा
युवती ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपनी सुरक्षा की मांग की थी। उसने राज्य सरकार और एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को सुरक्षा देने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। याचिका में दावा किया गया था कि उसकी जान को खतरा है।
पति पर दर्ज है अपहरण का मामला
युवती के पति मोहम्मद फरमान के खिलाफ मध्य प्रदेश में अपहरण सहित कई धाराओं में मामला दर्ज है। यह एफआईआर युवती के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई थी। परिवार का दावा है कि विवाह के समय युवती नाबालिग थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
महाकुंभ में वीडियो वायरल होने से हुई थी प्रसिद्ध
यह युवती मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली बताई जाती है। पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ के दौरान वह रुद्राक्ष की मालाएं बेच रही थी। उसी दौरान एक कंटेंट क्रिएटर द्वारा बनाया गया उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद वह देशभर में चर्चा का विषय बन गई।
परिवार के विरोध के बावजूद किया था निकाह
करीब दो महीने पहले युवती ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध केरल में फरमान से निकाह किया था। बताया जाता है कि विवाह के दौरान कुछ राजनीतिक नेताओं की भी मौजूदगी रही थी। इसके बाद परिवार ने युवती के नाबालिग होने का दावा करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
अग्रिम जमानत याचिका भी हो चुकी है खारिज
इस मामले में इससे पहले मध्य प्रदेश की विशेष पॉक्सो अदालत आरोपी फरमान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपी युवती को बहला-फुसलाकर केरल ले गया और उससे निकाह किया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अदालत में सुनवाई चल रही है।

