पचपदरा रिफाइनरी पर सियासी आग, टीकाराम जूली ने दागे सवाल
पचपदरा रिफाइनरी में आग के बाद अब सियासत जोरों पर है, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर आरोप लगाए और सवाल किए
राजस्थान के पचपदरा में बन रही रिफाइनरी अब विकास से ज्यादा राजनीति का अखाड़ा बनती जा रही है। उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले आग लगने की घटना ने पूरे प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीधे तौर पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि जिस रिफाइनरी की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की सोनिया गांधी के समय रखी गई थी, उसे भाजपा ने सत्ता में आते ही ठंडे बस्ते में डाल दिया। नतीजा 37 हजार करोड़ की परियोजना 80 हजार करोड़ तक पहुंच गई, लेकिन रोजगार, राजस्व के वादे हवा में ही रह गए।
'भगवान की मर्जी' पर घिरी बीजेपी
टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री और डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला करते हुए पूछा कि 12 साल केंद्र और ढाई साल राज्य में सत्ता होने के बावजूद आखिर प्रोजेक्ट अधर में क्यों है? आगजनी की घटना को उन्होंने प्रशासनिक नाकामी और लापरवाही का बड़ा उदाहरण बताया, वहीं मंत्रियों के “भगवान की मर्जी” वाले बयान को सरकार की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करार दिया।

अब सवाल यही है कि क्या यह रिफाइनरी कभी समय पर पूरी होगी या यूं ही राजनीति की भेंट चढ़ती रहेगी, करोड़ों रुपये फूंकने के बाद अब रिफाइनरी को फिर से चालू होने में कितना समय लगेगा ?
JP Sharma 
