अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एयरलाइंस ने परिवारों को वित्तीय ऑफर पेश किया

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे के बाद एयर इंडिया ने मृत यात्रियों के परिवारों को वित्तीय सेटलमेंट ऑफर दिया है। हालांकि, इस ऑफर में शर्त रखी गई है कि परिवार कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ भविष्य में कोई मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे। इस निर्णय को लेकर पीड़ित परिवारों और कानूनी विशेषज्ञों में विवाद शुरू हो गया है। एयर इंडिया पहले ही ₹25 लाख अंतरिम राहत और Tata Trust के जरिए ₹1 करोड़ तक का एक्स-ग्रेशिया पैकेज घोषित कर चुकी है। अब यह नया सेटलमेंट प्रस्ताव कानूनी अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर चर्चा में है।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एयरलाइंस ने परिवारों को वित्तीय ऑफर पेश किया

अहमदाबाद : एयर इंडिया ने अहमदाबाद विमान हादसे (AI-171) में मारे गए यात्रियों के परिवारों को वित्तीय सेटलमेंट ऑफर पेश किया है, जिसमें कुछ शर्तें भी बताई गई हैं। इस ऑफर को लेकर अब विवाद भी शुरू हो गया है, क्योंकि एयरलाइंस ने कहा है कि मुआवजा पाने के लिए परिवारों को कंपनी और उसके प्रमोटरों, पार्टनियों पर मुकदमा न करने का अधिकार छोड़ना होगा। इस निर्णय ने पीड़ित परिवारों और वकीलों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

एयर इंडिया ने AI-171 क्रैश में मारे गए यात्रियों के परिवारों को एक निश्चित नकद सेटलमेंट ऑफर किया है — जिनमें कुछ मामलों में लगभग £8,000 (करीब ₹1 लाख) तक की राशि शामिल हो सकती है, मगर शर्त के साथ। इसके तहत प्रभावित परिवारों को एयर इंडिया, बोइंग, विमान इंजन व सिस्टम निर्माता, DGCA, विमानन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटीज़ आदि के खिलाफ किसी भी तरह का मुकदमा दर्ज न करने का लाइबिलिटी वाइवर (मुक्ति समझौता) भी स्वीकार करना होगा।

एयर इंडिया की यह पेशकश अहमदाबाद क्रैश से बचे या प्रभावित लोगों को “सेटलमेंट प्रक्रिया” के तहत दी जा रही है, जिसे एयरलाइंस ने कानूनी मुकदमों से बचने हेतु प्रस्तावित बताया है।

12 जून 2025 को एयर इंडिया का Boeing 787-8 Dreamliner (Flight AI-171) अहमदाबाद से लंदन गेटविक के लिए टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गया था, जिसमें लगभग 260 लोग मृत हुए — यात्रियों, चालक दल और जमीन पर फंसे लोगों सहित। केवल एक व्यक्ति ही बचे थे।

एयर इंडिया और उसके प्रमोटर Tata Sons ने पहले ही मुआवजे के रूप में ₹25 लाख का अनंतिम भुगतान और Tata-सहायता ट्रस्ट के माध्यम से लगभग ₹1 करोड़ का ex-gratia पैकेज देने की घोषणा की थी, ताकि परिवारों को तत्काल और दीर्घकालिक सहायता मिल सके।

इस ऑफर को लेकर जो मुख्य विवाद उठ रहा है, वह यह है कि एयर इंडिया सेटलमेंट पाने के बदले पीड़ितों से कानूनी दावे छोड़ने का आग्रह कर रही है, जिससे भविष्य में बड़े मुआवजे या मुकदमों के अवसर कम हो सकते हैं।कई पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधि इसे “लिमिटेड अनुकूलता” वाला ऑफर बता रहे हैं और उनकी राय है कि इससे उनकी मुकदमेबाज़ी की क्षमता सीमित हो सकती है।

वहीं दूसरी ओर, एयर इंडिया ने अंतरिम भुगतान (₹25 लाख) के तराज़ू पर परिवारों को यह भुगतान लगभग 95 % तक वितरित कर दिया है और Tata-सहायता Trust के ज़रिए ₹1 करोड़ तक का मुआवजा भी दी जा रही है।