जोधपुर ग्रामीण में लूट–चोरी की बाढ़: गंगाणी में लुटेरे पकड़े गए, आसोप में 70 लाख की चोरी से हड़कंप

जोधपुर ग्रामीण के करवड़ और आसोप थाना क्षेत्रों में लगातार लूट और चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गंगाणी में महिला से लूट के आरोपी ग्रामीणों ने पकड़े, जबकि आसोप में थाने के पास दिनदहाड़े 70 लाख की चोरी से इलाके में दहशत है। दोनों घटनाओं के बीच कनेक्शन की जांच जारी है।

जोधपुर ग्रामीण में लूट–चोरी की बाढ़: गंगाणी में लुटेरे पकड़े गए, आसोप में 70 लाख की चोरी से हड़कंप
प्रतीकात्मक फोटो

एक के बाद एक वारदातें, एक ही इलाका

संयोग या किसी बड़े गिरोह की आहट?

जोधपुर ग्रामीण के करवड़ और आसोप थाना क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से जिस तरह अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े लूट और चोरी की ये घटनाएं अब सिर्फ अलग-अलग मामले नहीं लग रहीं, बल्कि इनके बीच किसी गहरी कड़ी की आशंका भी जताई जा रही है।

गंगाणी में महिला से लूट, ग्रामीणों ने पकड़े आरोपी

करवड़ थाना क्षेत्र के गंगाणी गांव में 53 वर्षीय सुआदेवी जाट अपने घर के बाहर कपड़े धो रही थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने मौका देखकर उनके गले से सोने की कंठी और मादलिया झपट लिए और फरार होने लगे।

ग्रामीणों ने तुरंत पीछा किया और कुछ ही दूरी पर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। आरोपियों की पहचान खेड़ापा थाना क्षेत्र के तांतों की बासनी निवासी प्रेम (21) और बाबूराम (25) के रूप में हुई।

पुलिस पूछताछ में दोनों ने खेड़ापा थाना क्षेत्र में सोने के जेवर लूटने और चोरी की चार अन्य वारदातें करना भी कबूल किया है। महिला की रिपोर्ट पर लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

आसोप में थाने से महज एक किलोमीटर दूर बड़ी चोरी

इसी बीच दो दिन पहले आसोप थाना क्षेत्र में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। पुलिस थाने से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर दिनदहाड़े चार घरों में चोरी की वारदातें हुईं।

रामपुरा गांव में भुराराम कासणिया के घर से नकदी और सोना-चांदी चोरी हुई। इसके बाद आसोप कस्बे में उम्मेद सिंह माली के घर से करीब 30 तोला सोना और तीन किलो चांदी चोरी कर ली गई। वहीं सामने स्थित पूर्व सरपंच जितेंद्र सिंह परिहार के घर से भी चांदी के जेवर ले जाए गए। भदोरा गांव में मंछाराम बावरी के घर से भी बड़ी मात्रा में गहने चोरी होने की सूचना है।

कुल मिलाकर चोरी गए जेवरात और नकदी की कीमत करीब 70 लाख रुपये आंकी जा रही है।

चोरों को थी पूरी जानकारी, केवल असली गहनों पर हाथ

पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरों ने घरों में रखे सामान की पूरी जानकारी होने के संकेत दिए हैं। आर्टिफिशियल जेवरात को हाथ तक नहीं लगाया गया, जबकि असली सोने-चांदी के गहनों को चुन-चुनकर ले जाया गया।

इससे पुलिस को संदेह है कि इन वारदातों में किसी स्थानीय जानकार या रेकी करने वाले व्यक्ति की भूमिका हो सकती है।

क्या दोनों घटनाओं का कोई कनेक्शन?

गंगाणी में पकड़े गए आरोपियों द्वारा पहले की वारदातें कबूल करना और आसोप क्षेत्र में हुई हाई-वैल्यू चोरियां — दोनों घटनाएं एक ही समयावधि में हुई हैं। तरीका, समय और निशाना भी लगभग एक जैसा है।

अब सवाल उठ रहा है कि—

  • क्या क्षेत्र में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है?

  • क्या अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक ही नेटवर्क काम कर रहा है?

  • या फिर पुलिस की गश्त और निगरानी में बड़ी चूक हो रही है?

ग्रामीणों का आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

घटनाओं से नाराज ग्रामीणों ने आसोप थाने पहुंचकर थानाधिकारी से मुलाकात की। पूर्व सरपंच सहित ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही चोरी की घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

पुलिस के लिए बढ़ती चुनौती

पुलिस ने डॉग स्क्वायड, एफएसएल और मोबाइल फॉरेंसिक टीमों को मौके पर बुलाया है और विशेष टीमें गठित की गई हैं। लेकिन लगातार हो रही वारदातों ने आम लोगों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

अब यह देखना होगा कि पुलिस इन घटनाओं को अलग-अलग मामलों की तरह देखती है या फिर इनके पीछे छिपे किसी बड़े अपराधी नेटवर्क तक पहुंच पाती है।