इस फरवरी उदयपुर की झीलों और महलों में खो जाएं, देखे एक से बढ़कर एक जगह

पिछोला झील में सूर्यास्त के समय नाव की सवारी आपको किसी फिल्मी सीन जैसा अहसास कराएगी।

इस फरवरी उदयपुर की झीलों और महलों में खो जाएं, देखे एक से बढ़कर एक जगह
Udaipur

फरवरी का महीना उदयपुर घूमने का सबसे सुहावना समय माना जाता है। इस समय मौसम बेहद आरामदायक रहता है, क्योंकि कड़ाके की ठंड धीरे-धीरे विदा हो चुकी होती है और तेज गर्मी अभी शुरू नहीं हुई होती। दिन में हल्की गुनगुनी धूप और शाम को झीßGeqलों से आने वाली ठंडी हवाएं यात्रा को और भी सुखद बना देती हैं। पिछोला झील में नौका विहार के साथ सिटी पैलेस की भव्यता का अनुभव करना किसी भी यात्री के लिए अविस्मरणीय क्षण साबित होता है।

झीलों और महलों का रोमांचक अनुभव

पिछोला झील में सूर्यास्त के समय नाव की सवारी आपको किसी फिल्मी सीन जैसा अहसास कराएगी। झील के शांत पानी में महलों का प्रतिबिंब फोटोग्राफी के शौकीनों को मंत्रमुग्ध कर देता है। लेक पैलेस और जग मंदिर के नजारे यहाँ से बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं। सहेलियों की बाड़ी, फतेह सागर झील और मानसून पैलेस (सज्जनगढ़) से पूरे शहर का दृश्य आपके अनुभव को और यादगार बना देगा।

ऐतिहासिक धरोहरें और शाही विरासत

सिटी पैलेस अपनी बारीक नक्काशी, कांच का काम और मेवाड़ के शौर्य की कहानी के लिए प्रसिद्ध है। उदयपुर की हर गली और दीवार अपने भीतर इतिहास समेटे हुए है। इतिहास प्रेमियों के लिए यह शहर एक खुला संग्रहालय जैसा है। स्थानीय स्थलों पर घूमते हुए आप राजपूताना स्थापत्य कला और शाही ठाठ-बाट का पूरा आनंद ले सकते हैं।

संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय अनुभव

उदयपुर सिर्फ इतिहास और महलों के लिए ही नहीं, बल्कि संस्कृति और कला के लिए भी जाना जाता है। यहां दोस्तों के साथ हस्तशिल्प की खरीदारी और राजस्थानी व्यंजनों का लुत्फ उठाना एक अलग ही अनुभव है। शाम को बागोर की हवेली में आयोजित सांस्कृतिक लोक नृत्य राजस्थान की असली मिट्टी से जोड़ देता है और यात्रियों को शहर की जीवनशैली से परिचित कराता है।

परिवार और दोस्तों के साथ ट्रिप

उदयपुर में फरवरी का समय परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए बेहद उपयुक्त होता है। मौसम सुहावना होने के कारण लंबी पैदल यात्राएं करना, झीलों में नौका विहार का आनंद लेना और शहर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण आरामदायक हो जाता है। परिवार के साथ इतिहास जानने और बच्चों को सांस्कृतिक गतिविधियों से परिचित कराने के लिए भी यह समय आदर्श है।