सोने-चांदी में निवेश करने वालों जरा रुकना…

सोने-चांदी में निवेश करने वालों के लिए बड़ा अलर्ट है। रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद बुलियन बाजार में तेज करेक्शन देखने को मिला है। चांदी करीब ₹1.06 लाख गिरकर ₹2.91–₹2.93 लाख प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना भी करीब ₹20,000 सस्ता होकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास फिसल गया। विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की मुख्य वजह मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और तकनीकी करेक्शन है। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

सोने-चांदी में निवेश करने वालों जरा रुकना…

सोना-चांदी निवेशकों के लिए Market Alert: आज क्रैश से बाजार हिल गया

चांदी ₹1.06 लाख से ज्यादा गिरकर ₹2.91–₹2.93 लाख, सोना ₹20,000 सस्ता — असली वजहें, विशेषज्ञ विश्लेषण और आगे का रुख

1. आज का डेटा: सिर्फ़ आंकड़ों में समझिए बाजार का हाल

आज 31 जनवरी 2026 को भारतीय बुलियन (सोना-चांदी) बाजार में ऐसा पतन देखा गया, जो निवेशकों और ट्रेडर्स दोनों के लिए चौंकाने वाला रहा।

चांदी (Silver)

  • आज चांदी के भाव में भारी गिरावट दर्ज हुई।

  • चांदी का भाव ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम (ऑल time हाई) से गिरकर लगभग ₹2.91-₹2.93 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। 

  • कुल गिरावट ₹1.06 लाख से भी अधिक के स्तर पर है।

सोना (Gold)

  • सोने की कीमत में भी तेज गिरावट; 10 ग्राम सोना करीब ₹20,000 सस्ता हुआ। 

  • यह गिरावट पिछले उच्च स्तरों से देखी गई थी।

 प्रमुख समाचार रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज गोल्ड-सिल्वर मार्केट में रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़ी प्रॉफिट-टेकिंग और करेक्शन देखने को मिला। 

यह पतन सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है — वैश्विक बाजार में भी कवरेज में तेज गिरावट दिखी है।

2. मुख्य कारण: क्यों गिरा सोना-चांदी 

 प्रॉफिट-टेकिंग (Profit Taking)

सोने और खासकर चांदी की कीमतों ने पिछले कुछ सत्रों में रिकॉर्ड स्तर तक उछाल देखा था। 

जब किसी मेटल की कीमतें बहुत तेजी से ऊपर जाती हैं, तो:

  • बड़े निवेशक और फंड्स अपनी पोजीशन बेचकर लाभ सुरक्षित करते हैं।

  • इससे अचानक बिकवाली होती है और भाव नीचे आते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आज की गिरावट का सबसे बड़ा हिस्सा प्रॉफिट-टेकिंग से आया है, जब मार्केट ने ऊँचे स्तर पर उपलब्ध लाभ को लॉक कर लिया। 

 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव और डॉलर की मजबूती

वैश्विक बाजार में आज सोना-चांदी गिरावट का एक बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स की मजबूती और डॉलर-बोंड यील्ड का दबाव रहा। 

जब डॉलर मजबूत होता है:

  • अंतरराष्ट्रीय सोना-चांदी महंगा महसूस होता है।

  • कई बड़े विदेशी निवेशक बुलियन से बाहर निकलते हैं।

  • इससे MCX जैसे घरेलू एक्सचेंजों में भी भाव गिरते हैं।

इसका सीधा असर सोना-चांदी के वर्तमान मूवमेंट पर पड़ा है।

 तकनीकी Market Factors

बाजार चार्ट विश्लेषण बताते हैं कि दोनों धातुएं ओवरबॉट (overbought) स्थिति में चल रही थीं — यानी कीमतें तर्कसंगत से काफी ऊपर पहुंच चुकी थीं। 

ऐसे में एक बार बिकवाली शुरू होती है,
तो स्टॉप-लॉस ऑर्डर और तकनीकी टूटने से गिरावट और तेज़ हो जाती है।

विदेश नीति/आर्थिक संकेतों का प्रभाव

हाल के वैश्विक संकेत, जैसे:

  • कुछ देशों में ब्याज दरों और नीतिगत बदलावों की उम्मीद,

  • शेयर बाजारों और इक्विटी रिटर्न्स का अच्छा प्रदर्शन,

  • सुरक्षित-पूंजी की मांग में गिरावट,

से भी बुलियन मार्केट में रुझान कमजोर हुआ है।


3. सोना vs चांदी — कौन ज्यादा प्रभावित? आंकड़ों में तुलना

मेटल आज का भाव पिछला उच्च गिरावट (लगभग)
चांदी ~₹2.91–₹2.93 लाख/kg ~₹4.20 लाख/kg ~₹1.06 लाख+
सोना (10g) ~₹1.49 लाख ~₹1.69-₹1.80 लाख ~₹20,000+

 चांदी की गिरावट ने आज बाजार में सबसे ज्यादा उथल-पुथल पैदा की, क्योंकि उसके भाव में प्रतिशत के हिसाब से बड़ा फॉल देखा गया।

4. घरेलू MCX और ETF Investors को बड़ा असर

 MCX Futures

MCX पर सोना-चांदी दोनों वायदा अनुबंधों (futures) में भारी गिरावट दर्ज की गई है — चाहे वह फरवरी, मार्च या आगे की डिलीवरी हो। 

चांदी की March قرارداد ने भी अहम गिरावट पाई है, जो कि निवेशकों के लिए एक चेतावनी संकेत है।

ETF पर असर

वैश्विक और घरेलू गोल्ड और सिल्वर ETF में भी भारी उतार-चढ़ाव और लॉस देखा गया है।
विशेषकर सिल्वर ETF बहुत अधिक प्रभावित हुए हैं जहाँ गिरावट 10-20% तक देखी गई। 

5. विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं? Market Sentiment Explained

Motilal Oswal के विशेषज्ञ का कहना है कि आज की गिरावट का बड़ा हिस्सा “प्रॉफिट-टेकिंग और मजबूती दिखाने वाले डॉलर” के कारण है। 

HDFC Securities के वरिष्ठ विश्लेषक बताते हैं कि “ओवरबॉट मार्केट में एक सजातीय करेक्शन होना अपेक्षित था।” 

 एक अन्य अनुभवी कमोडिटी एनालिस्ट के अनुसार,

“उत्साह भरे तेजी के बाद बाजार को सख्त सांस लेनी पड़ती है, और यही आज हुआ।” 

यानी विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यह पूरी तरह टूट नहीं, बल्कि करेक्शन/सेल-ऑफ है। बावजूद इसके, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

6. निवेशक RISK और OPPORTUNITY: Marketers Guide

 SHORT-TERM ट्रेडर्स

अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडर हैं:

  • आगे भी Volatility रह सकती है।

  • तकनीकी टूट का स्तर देखें, बोली लगा कर न रखें।

  • Stop Loss का इंतजाम जरूरी है।

 LONG-TERM निवेशक

लंबी अवधि के लिए गोल्ड और सिल्वर की बुनियादी धारणा अभी भी पॉजिटिव बनी हुई है — क्योंकि:

  • Geopolitical Risk आज भी मौजूद है।

  • मुद्रास्फीति अस्थिर है।

  • Safe-Haven Asset की डिमांड लंबी अवधि में कायम रह सकती है।

इसलिए लंबी दूरी पर खरीदारी का मौका देखने वाले निवेशक धीरे-धीरे चरणबद्ध खरीदारी कर सकते हैं।

क्या अब निवेश करें या रुकें?

अब रुकना है या खरीदारी?
यह investor के लक्ष्य पर निर्भर करता है:

 लॉन्ग-टर्म: Stage-by-Stage खरीदारी बेहतर
 शॉर्ट-टर्म: अभी Entry लेना Risky
 अगर भाव Support Level तक आए तो देखा जा सकता है Buy Zone

आज का Crash panic-sell नहीं, बल्कि एक सही करेक्शन की तरह दिखता है —
जिसका उद्देश्य है बाजार को स्थिर करना और लंबे रन के लिए नया Base तैयार करना।