रिकॉर्ड जीत के साथ बिहार में NDA सरकार, CM से मिलने पहुंचे सम्राट, महागठबंधन 28 पर सिमटी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे साफ होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 243 सीटों पर रुझानों के अनुसार, एनडीए (बीजेपी-जेडीयू गठबंधन) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 208 सीटों पर बढ़त बना ली है, जो बहुमत के आंकड़े 122 से कहीं ज्यादा है।
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे साफ होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 243 सीटों पर रुझानों के अनुसार, एनडीए (बीजेपी-जेडीयू गठबंधन) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 208 सीटों पर बढ़त बना ली है, जो बहुमत के आंकड़े 122 से कहीं ज्यादा है। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) मात्र 27 सीटों पर सिमट गया है। 2020 में एनडीए को 125 सीटें मिली थीं, जबकि महागठबंधन को 110। इस बार एनडीए को 83 से ज्यादा सीटों का फायदा हुआ है, वहीं महागठबंधन को इतना ही नुकसान।
प्रचंड जीत के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। जेडीयू के 43 सीटों से उछलकर 84 पर पहुंचने से नीतीश कुमार की सरकार की वापसी तय है। वे दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बीजेपी 95 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आरजेडी 24 सीटों पर आगे है, जबकि 61 सीटों पर लड़ी कांग्रेस को सिर्फ 1-2 सीटें मिल रही हैं। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (243 सीटों पर लड़ी) का खाता अभी तक नहीं खुला है। मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) का भी खाता नहीं खुला। शाम 6 बजे पीएम मोदी दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय जाएंगे।
जेडीयू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "नीतीश मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे" – लेकिन 20 मिनट बाद इसे डिलीट कर दिया। इस चुनाव में 2 फेज में 67.10% वोटिंग हुई, जो 2020 के 57.05% से 10% ज्यादा है। महिलाओं का मतदान 71.6% रहा, जो पुरुषों (62.8%) से ज्यादा था। कुल 7.45 करोड़ मतदाताओं में से 5 करोड़ ने वोट डाला।
प्रमुख उम्मीदवारों की स्थिति: कौन आगे, कौन पीछे?
- तेजस्वी यादव (आरजेडी, राघोपुर): कड़ी टक्कर के बीच अब आगे चल रहे हैं, लेकिन मार्जिन पतला (करीब 219-800 वोट)। बीजेपी के सतीश कुमार से 3,000-8,000 वोटों का उतार-चढ़ाव देखा गया। यह यादव परिवार का गढ़ है, लेकिन एनडीए की बढ़त से दबाव।
- तेजप्रताप यादव (जन्सक्ति जनता दल, महुआ): तीसरे या चौथे स्थान पर, 12,000-17,000 वोटों से पीछे। एलजेएसपी के संजय कुमार सिंह 27,000+ वोटों से आगे। आरजेडी के मुकेश कुमार रौशन भी पीछे।
- सम्राट चौधरी (बीजेपी, तारापुर): मजबूत बढ़त, 25,000+ वोटों से आगे। आरजेडी के अरुण कुमार से 74,000+ वोटों की लीड। डिप्टी सीएम की कुर्सी बरकरार।
- ज्योति सिंह (पवन सिंह की पत्नी, बीजेपी, कराकाट): लगातार पीछे, शुरुआती बढ़त गंवाई। आरजेडी या निर्दलीय से हार की आशंका।
- अन्य प्रमुख: जेडीयू के अनंत सिंह (मोकामा) 28,000+ वोटों से जीत चुके। बीजेपी की मैथिली ठाकुर (अलीनगर) आगे। खेसारी लाल यादव (आरजेडी, छपरा) 2,000+ वोटों से पीछे।
निर्दलीय और अन्य पर 5 सीटें बंटी हैं। एनडीए की जीत 'सुशासन बाबू' नीतीश की महिला योजनाओं और जातिगत समीकरण का नतीजा मानी जा रही है। तेजस्वी की 'परिवर्तन' अपील फेल। नीतीश ने कहा, "जनता ने विकास चुना।" आरजेडी ने हार स्वीकारते हुए गड़बड़ी का आरोप लगाया। शपथ ग्रहण 18 नवंबर को संभावित।
पार्टी-वार सीटों की सारिणी (रुझान के आधार पर, नवीनतम अपडेट: दोपहर 3 बजे)
नीचे दी गई तालिका में 2020 के मुकाबले फायदे-नुकसान दिखाया गया है। कुल सीटें: 243।
| गठबंधन/पार्टी | 2025 रुझान (आगे) | 2020 सीटें | फायदा/नुकसान |
|---|---|---|---|
| एनडीए कुल | 208 | 125 | +83 |
| - बीजेपी | 95 | 74 | +21 |
| - जेडीयू | 84 | 43 | +41 |
| - एलजेएसपी (आरवी) | 20 | 1 | +19 |
| - हम (एस) | 5 | 4 | +1 |
| - आरएलएम | 4 | 0 | +4 |
| महागठबंधन कुल | 27 | 110 | -83 |
| - आरजेडी | 24 | 75 | -51 |
| - कांग्रेस | 1 | 19 | -18 |
| - सीपीआई(एमएल) | 1 | 12 | -11 |
| - अन्य (सीपीआई-एम, वीआईपी) | 1 | 4 | -3 |
| जन सुराज | 0 | - | 0 |
| निर्दलीय/अन्य |

जेडीयू, बीजेपी, आरजेडी: पार्टी-वार ग्राफ
यह लाइन चार्ट प्रमुख पार्टियों की प्रगति दिखाता है। जेडीयू की छलांग सबसे ज्यादा है।

बिहार के 38 जिलों में एनडीए ने लगभग हर क्षेत्र में दबदबा बनाया है।
- उत्तर बिहार (सीमांचल: किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, कटिहार): एनडीए 85%+ सीटें, मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी-जेडीयू की जोड़ी मजबूत। किशनगंज में बीजेपी की स्वीटी सिंह आगे।
- मध्य बिहार (पटना, नालंदा, वैशाली): एनडीए 95%+, राघोपुर जैसे यादव बेल्ट में भी बढ़त। पटना साहिब में बीजेपी आगे।
- दक्षिण बिहार (गया, रोहतास, औरंगाबाद): जेडीयू-बीजेपी का जलवा, मोकामा में अनंत सिंह की जीत।
- पूर्वी बिहार (भागलपुर, मुंगेर): 90% एनडीए, तारापुर में सम्राट चौधरी की मजबूत लीड। महागठबंधन सिर्फ कुछ यादव-मुस्लिम बहुल सीटों (जैसे रघुनाथपुर) तक सीमित। जन सुराज का असर बिहार शरीफ, गया जैसे इलाकों में दिखा, लेकिन नगण्य।
इस ग्राफ के जरिए समझिए पूरा आंकड़ा

विश्लेषण हाइलाइट्स
- सबसे बड़ा लाभ: जेडीयू (+41) → नीतीश की वापसी की गारंटी
- सबसे बड़ा नुकसान: आरजेडी (-51) → यादव वोटबैंक में सेंध
- कांग्रेस का पतन: 19 → 1 → बिहार में लगभग समाप्त
- एलजेएसपी का उभार: 1 → 20 → चिराग पासवान की नई ताकत
- प्रशांत किशोर फेल: 243 सीटों पर लड़े, 0 पर आगे

