Rajasthan Mobile Veterinary Unit Yojana: 61 लाख से अधिक पशुओं का Free Treatment, 1962 हेल्पलाइन से घर-घर इलाज
राजस्थान में पशुपालकों के लिए शुरू की गई मोबाइल वेटरनरी यूनिट योजना बड़ी सफलता साबित हो रही है। 24 फरवरी 2024 से शुरू हुई इस पहल के तहत अब तक 61 लाख 30 हजार 856 पशुओं का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। Rajasthan सरकार की इस योजना में 1962 ऑन-कॉल हेल्पलाइन के माध्यम से मोबाइल यूनिट पशुपालकों के घर या खेत तक पहुंचकर इलाज, टीकाकरण और अन्य सेवाएं दे रही है। पूरे प्रदेश में 536 यूनिट्स संचालित हैं और शत-प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जा रही है।
जयपुर : राजस्थान में पशुपालकों के लिए चलाई जा रही मोबाइल वेटरनरी यूनिट योजना बेहद सफल साबित हो रही है। इस योजना के तहत अब पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, बल्कि घर बैठे ही निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मिल रही है।
24 फरवरी 2024 से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक कुल 61 लाख 30 हजार 856 पशुओं का मुफ्त उपचार किया जा चुका है। यह आंकड़ा इस योजना की उपयोगिता और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी बढ़ती जरूरत को दर्शाता है।

योजना के तहत पशुपालकों को 1962 ऑन-कॉल सेंटर सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही मोबाइल वेटरनरी यूनिट पशुपालक के घर या खेत तक पहुंचकर पशुओं का इलाज करती है। इससे खासतौर पर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले पशुपालकों को काफी राहत मिली है।
वर्तमान में पूरे प्रदेश में 536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं। इन यूनिट्स के माध्यम से पशुओं का इलाज, टीकाकरण और अन्य जरूरी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
योजना की सफलता और राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार भविष्य में मोबाइल यूनिट्स की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके।

इस योजना की एक खास बात यह भी है कि मोबाइल वेटरनरी वाहनों की शत-प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जा रही है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ रहा।
कुल मिलाकर यह योजना पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है और पशुधन के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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