क्या बंद होने वाली है कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की 4 यूनिटें ? जानिये ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा...
कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की 4 यूनिटें 2030 तक चरणबद्ध तरीके से बंद हो सकती हैं। 640 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित होने की आशंका, पर्यावरण स्वीकृति पर टिका अंतिम फैसला।
अगले 4 साल में बंद हो सकती है कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन 4 यूनिटें। इसका प्रस्ताव बुधवार 25 मार्च को विद्युत् उत्पादन निगम की बोर्ड बैठक में रखा गया था। प्रस्ताव में दिसंबर 2019 को हुई बोर्ड की 293वीं मीटिंग का हवाला दिया गया है, जिसमे इन यूनिटों को धीरे-धीरे बंद करने की बात कही गयी थी। यूनिट 1 से 4 की काम करने की अवधि जल्द ही पूरी होने वाली है।
प्रस्ताव के अनुसार, कोटा थर्मल की चारों यूनिटों को चरणबद्ध तरीके से साल 2030 तक बंद किया जाना है। फिलहाल यह खुलासा नहीं किया गया है की इसका प्रस्ताव पास हुआ है या नहीं। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद ही यूनिटों को बंद करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
640 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता रखते है चारों यूनिट
कोटा थर्मल पावर स्टेशन में 7 यूनिटों की कुल क्षमता 1240 मेगावाट बिजली उत्पादन करने की है। इनमें से पहली 4 यूनिटें 35 से 40 साल पुरानी हैं। यूनिट 1 और 2 की बिजली उत्पादन क्षमता 110-110 मेगावाट है, जबकि यूनिट 3 और 4 की क्षमता 210-210 मेगावाट है।
इन चारों यूनिटों की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 640 मेगावाट है। कोटा थर्मल प्लांट से उत्तरी ग्रिड को बिजली दी जाती है। उत्तरी ग्रिड से पूरे राजस्थान, उत्तरप्रदेश और पंजाब के पावर प्लांट सहित ग्रिड को बिजली सप्लाई की जाती है।
यूनिट 1 से 4 को बंद करना पड़ सकता है
मामले पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा- बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया गया। बैठक में संभावना व्यक्त की कि यदि 2030 के बाद पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलती है, तो कोटा थर्मल की यूनिट 1 से 4 को बंद करना पड़ सकता है।
मंत्री नागर ने बताया- थर्मल इकाइयों का सामान्य कार्यकाल 25 साल का होता है। इसके बाद भी यदि इकाई चलने लायक है, तो उसे चलाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए पर्यावरण स्वीकृति लेनी पड़ती है।
पुरानी इकाइयों के लिए पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने में अक्सर दिक्कतें आती हैं। थर्मल प्लांट कोटा शहर में स्थित है, और आने वाले समय (2030) में इन यूनिटों के लिए पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन करना होगा।
शायद वहां से अनुमति लेना मुश्किल होगा। अगर पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलती है, तो उस स्थिति में हमें इन चारों यूनिटों को बंद करना पड़ेगा। इसके लिए विभाग अभी से तैयारी में जुटा है। यदि पर्यावरण स्वीकृति मिल जाती है, तो यूनिट चालू रखी जा सकती हैं।
Ayush Pareek 
