बालेसर के खेत में 100 किलो एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी, रातभर चला ANTF ऑपरेशन .Jodhpur MD Drugs Factory Busted

Jodhpur के बालेसर थाना क्षेत्र के लूणावपुरा गांव में खेत के बीच संचालित कथित एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। Anti Narcotics Task Force Rajasthan ने आईजी Vikas Kumar के निर्देशन में रातभर ऑपरेशन चलाकर करीब 100 किलो तैयार एमडी ड्रग्स, केमिकल और मशीनरी जब्त की। कार्रवाई के दौरान फायरिंग की सूचना भी है। आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे नेटवर्क के तार बड़े सिंथेटिक नशा गिरोह से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

जोधपुर जिले के बालेसर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और बड़े नेटवर्क से जुड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां लूणावपुरा गांव के एक खेत में संचालित की जा रही कथित एमडी ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार Anti Narcotics Task Force Rajasthan की टीम ने आईजी Vikas Kumar के निर्देशन में शनिवार देर रात यह हाई प्रोफाइल ऑपरेशन अंजाम दिया। कार्रवाई इतनी संवेदनशील थी कि पूरी रात खेतों में सर्च ऑपरेशन चलता रहा और इस दौरान पुलिस व आरोपियों के बीच फायरिंग होने की भी सूचना सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक लूणावपुरा गांव के बाहरी क्षेत्र में एक सुनसान खेत के भीतर अस्थायी ढांचे में सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने की गुप्त फैक्ट्री चलाई जा रही थी। यहां बड़े स्तर पर एमडी ड्रग्स का उत्पादन किया जा रहा था। पुलिस को लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों की भनक थी, जिसके बाद तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और गुप्त सर्विलांस के जरिए इस ठिकाने तक पहुंच बनाई गई। शनिवार रात जब एएनटीएफ की विशेष टीम ने दबिश दी तो मौके पर मौजूद तस्करों ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान खेतों की तरफ भागते संदिग्धों को रोकने के लिए पुलिस ने घेराबंदी की। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग जैसी स्थिति भी बनी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग के बाद ही होगी।

सबसे बड़ी बात यह है कि मौके से करीब 100 किलो के आसपास तैयार एमडी ड्रग्स बरामद होने की सूचना है। अगर यह मात्रा आधिकारिक तौर पर पुष्टि होती है तो राजस्थान में सिंथेटिक नशे के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जाएगी। इसके अलावा फैक्ट्री से ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, मशीनरी, पैकिंग सामग्री, गैस सिलेंडर, रिएक्टर उपकरण और कई संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए जाने की खबर है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि यह कोई छोटी लोकल लैब नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क द्वारा संचालित एक बड़ा अवैध उत्पादन केंद्र था।

कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। इनमें कुछ स्थानीय सहयोगी, केमिकल हैंडलर और सप्लाई चैन से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं। भागने की कोशिश में एक आरोपी के खेतों में गिरने से पैर टूटने की भी जानकारी मिल रही है, जिसे पुलिस निगरानी में उपचार दिलाया जा रहा है। कुछ संदिग्धों से मौके पर ही पूछताछ शुरू कर दी गई थी, जबकि अन्य को हिरासत में लेकर अलग-अलग एजेंसियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।

इस पूरे ऑपरेशन में स्थानीय Balesar Police Station की टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया और बाद में मौके पर बुलाया गया। क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति आसपास न पहुंच सके। रविवार सुबह तक खेत और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान जारी रहा। माना जा रहा है कि पुलिस इस फैक्ट्री के तार राजस्थान से बाहर चल रहे बड़े नारकोटिक्स नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।

जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स के लिए कच्चा माल कहां से आता था, तैयार माल किन राज्यों में सप्लाई किया जाना था और इस अवैध कारोबार में स्थानीय स्तर पर किन लोगों की भूमिका रही। साथ ही जमीन मालिक, किरायेदारी, बिजली-पानी कनेक्शन और खेत में आने-जाने वालों की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है।

राजस्थान में पिछले कुछ महीनों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी को लेकर कई बड़े इनपुट सामने आए हैं, लेकिन खेत के बीच फैक्ट्री बनाकर उत्पादन किया जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है। एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है, जिसमें बरामदगी, गिरफ्तार आरोपियों की संख्या, फायरिंग और नेटवर्क की पूरी परतें सामने आ सकती हैं।

यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि राजस्थान अब केवल ट्रांजिट रूट नहीं, बल्कि सिंथेटिक नशे के उत्पादन का भी उभरता केंद्र बनने की कोशिशों से जूझ रहा है, और यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस ऑपरेशन को हाई प्रायोरिटी केस मानते हुए बहुस्तरीय जांच शुरू कर दी है।