जोधपुर में कृषि नवाचारों का महाकुंभ: कृषि विज्ञान मेला 2026 में हजारों किसानों की भागीदारी

Agriculture University Jodhpur में आयोजित एक दिवसीय “कृषि विज्ञान मेला–2026” में प्रदेशभर से करीब 2500–3000 किसानों ने भाग लिया। मेले में 80 से अधिक स्टॉल्स के माध्यम से उन्नत बीज, आधुनिक सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, जैविक खेती, पशुपालन और कृषि आधारित उद्यमिता पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्घाटन Jogaram Patel ने किया। मेले ने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधे संवाद के जरिए खेती को लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया।

जोधपुर में कृषि नवाचारों का महाकुंभ: कृषि विज्ञान मेला 2026 में हजारों किसानों की भागीदारी

जोधपुर : क्षेत्रीय कृषि विकास और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर में एक दिवसीय “कृषि विज्ञान मेला–2026” का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले ने किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाकर खेती को लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संवाद का अवसर प्रदान किया।

मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब ढाई से तीन हजार किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली, जो नई तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों के प्रति उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

मेले में 80 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए, जहाँ किसानों को निम्न विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई :

उन्नत किस्मों के बीज

ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक

आधुनिक कृषि यंत्र

जैविक खेती के विकल्प

पशुपालन में नई तकनीकें

डेयरी एवं कृषि आधारित उद्यमिता मॉडल

विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के उपायों से भी अवगत कराया।

मंत्री ने किया उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने किया।

उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. वी.एस. जैतावत ने की, जिन्होंने कृषि अनुसंधान और किसानों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

कार्यक्रम में किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी तथा किसान नेता छेलाराम सारण भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने किसानों को नवाचार अपनाने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने का आह्वान किया।

मेले की विशेषता वैज्ञानिकों और किसानों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा, जिसमें किसानों ने अपनी समस्याएँ रखीं और विशेषज्ञों ने व्यावहारिक समाधान सुझाए। पशुपालन, फसल सुरक्षा, जल संरक्षण और कृषि आधारित उद्योगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

कृषि विज्ञान मेला 2026 ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और सरकारी योजनाओं के समन्वय से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। आयोजन ने जोधपुर को कृषि नवाचारों के एक बड़े मंच के रूप में स्थापित किया।

कार्यक्रम के समापन तक किसानों में उत्साह और नई तकनीकों को अपनाने का उत्साह साफ झलक रहा था।