चुनावी हार के बाद कांग्रेस का डिजिटल रिवॉल्यूशन, अब हर नेता की होगी ट्रैकिंग
राजस्थान में कांग्रेस ने चुनावी हार के बाद संगठन को मजबूत करने के लिए 'कांग्रेस कनेक्ट सेंटर' लॉन्च किया। अब जिले और मंडल स्तर के नेताओं का काम डिजिटल प्लेटफॉर्म से मॉनिटर किया जाएगा।
राजस्थान में हाल ही में हुए चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और जमीन पर प्रभाव बढ़ाने के लिए नई पहल की है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इस दिशा में 'कांग्रेस कनेक्ट सेंटर' नामक नया सिस्टम लॉन्च किया है। यह सेंटर जिले से लेकर मंडल स्तर तक नेताओं के कामकाज की निगरानी करेगा और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
काम नहीं तो आराम वाला फॉर्मूला
कांग्रेस की नई योजना का मुख्य मकसद नेताओं की जवाबदेही तय करना है। अब जिला, ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों को हर तीन महीने में अपने कार्यों का विवरण देना होगा। इसका मतलब है कि नेता अब अपने पद पर बने रहने के लिए त्रैमासिक (Quarterly) प्रदर्शन समीक्षा से गुजरेंगे।
कांग्रेस कनेक्ट प्लेटफॉर्म क्या है?
'कांग्रेस कनेक्ट सेंटर' के तहत एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। नेताओं को अब ऐप या वेबसाइट के जरिए काम सौंपे जाएंगे और उनकी प्रगति की मॉनिटरिंग की जाएगी। यह कदम दिखाता है कि पार्टी सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर संगठन को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने पर जोर दे रही है।
जसवंत गुर्जर को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
इस सेंटर की कमान पीसीसी महासचिव जसवंत गुर्जर को दी गई है। उनके साथ राजेंद्र यादव और पुष्पेंद्र मीणा चेयरमैन होंगे। इसके अलावा, पूरी टीम यह सुनिश्चित करेगी कि संगठन के भीतर कामकुशलता और जवाबदेही बनी रहे।
Saloni Kushwaha 
