एसआईटी रिपोर्ट में ‘गोगोई के पाकिस्तान लिंक’ शामिल, असम CM हिमंता ने की गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने की घोषणा

असम CM हिमंता: गौरव गोगोई के पाकिस्तान लिंक वाली SIT रिपोर्ट 2 दिन में MHA को। रावलपिंडी यात्रा+पत्नी के दावे। कांग्रेस का खंडन। राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला।

एसआईटी रिपोर्ट में ‘गोगोई के पाकिस्तान लिंक’ शामिल, असम CM हिमंता ने की गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने की घोषणा

गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और असम प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के कथित “पाकिस्तान लिंक” मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट को गृह मंत्रालय भेजने का बड़ा ऐलान किया है। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट में कुछ नई जानकारी जोड़ने के बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को भेजा जाएगा, जिससे मामले की और विस्तृत जांच सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री हिमंता ने आरोप लगाया है कि SIT रिपोर्ट की शुरुआती जांच में गोगोई और उनके परिवार के पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध कनेक्शनों के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में शामिल नए विवरणों में गोगोई द्वारा पाकिस्तान के रावलपिंडी की यात्रा और उनकी पत्नी के बारे में कुछ कथित दावे शामिल होंगे, जो उन्होंने हाल ही में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में स्वयं किए थे।

सरमा ने कहा है कि SIT रिपोर्ट में इन नए खुलासों को शामिल किया जाएगा और फिर इसे अगले दो दिनों के भीतर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया जाएगा, ताकि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियाँ इस मामले की गहनता से जांच कर सकें। उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने पहले ही इस रिपोर्ट को आगे भेजने का निर्णय ले लिया था।

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले भी आरोप लगाया है कि गोगोई और उनके परिवार के मामलों में पाकिस्तान से जुड़े कई संदिग्ध तत्व मौजूद हैं और यह राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मामला है न कि सिर्फ सियासी आरोप.

हालांकि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इन सभी आरोपों को “पूरी तरह से निराधार और बेतुका” बताया है और उनके खिलाफ लगाए गए दावों का पुरजोर खंडन किया है। वे कहते हैं कि इन आरोपों का कोई ठोस सबूत नहीं है और यह केवल राजनीतिक प्रचार का हिस्सा है।

SIT को असम सरकार ने पहले ही यह जांच सौंपी थी कि पाकिस्तान के नागरिक और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े प्रभावों की छानबीन की जाए। अब रिपोर्ट को गृह मंत्रालय को भेजने के बाद यह उम्मीद है कि CBI, NIA या अन्य केंद्रीय एजेंसियाँ मामले की और गहन जांच करेंगी।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला असम के विधानसभा चुनाव 2026 में भी सियासी रंग ले सकता है, क्योंकि विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों इस मुद्दे का लाभ उठाने के लिए बयानबाज़ी कर रहे हैं