मेंटल हॉस्पिटल पर सियासी संग्राम: डोटासरा–दिलावर की जुबानी जंग

राजस्थान विधानसभा में हंसी का तमाशा! डोटासरा बोले "रामगंज में टल हॉस्पिटल बनाओ", दिलावर ने तंज—"तनाव वालों के लिए सोच लें"। मीम्स वायरल। पूरा ड्रामा।

मेंटल हॉस्पिटल पर सियासी संग्राम: डोटासरा–दिलावर की जुबानी जंग

मेंटल हॉस्पिटल पर सियासी संग्राम: डोटासरा–दिलावर की जुबानी जंग  

      जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक तल्खी खुलकर सामने आ गई। बजट को लेकर जहां सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही थी, वहीं कांग्रेस ने इसे पूरी तरह “दिशाहीन और जनविरोधी” करार दिया। लेकिन असली सुर्खियां बटोरी मेंटल हॉस्पिटल को लेकर हुई तीखी बयानबाज़ी ने।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दो टूक कहा कि अगर मेंटल हॉस्पिटल देना ही है तो रामगंज मंडी में दीजिए, कहीं और नहीं। उनके इस बयान को राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया। जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मेंटल हॉस्पिटल भले ही अभी प्रस्तावित न हो, लेकिन जिन लोगों को मानसिक तनाव है, उनके लिए जरूर विचार किया जा सकता है। इस बयान के बाद सदन में ठहाके भी लगे और माहौल गरमा भी गया।

विधायक बाल मुकुंदाचार्य ने भी मौके पर सियासी चुटकी लेते हुए कहा कि सीकर और लक्ष्मणगढ़ को अच्छा बजट मिला है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने सीकर दौरे का हवाला देते हुए कहा कि वहां के लोगों ने मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याओं की बात कही थी, इसलिए लक्ष्मणगढ़ में मेंटल हॉस्पिटल खोला जाना चाहिए।

असल में यह सिर्फ अस्पताल की मांग नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई है। डोटासरा और दिलावर के बीच लंबे समय से जुबानी जंग चल रही है। दोनों नेता अक्सर एक-दूसरे पर तीखे हमले करते रहे हैं और हर बहस को राजनीतिक रंग देने से नहीं चूकते। बजट जैसे गंभीर विषय पर भी व्यक्तिगत तंज और व्यंग्य ने सियासी तापमान बढ़ा दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी आने वाले समय में और तेज हो सकती है, खासकर जब प्रदेश की राजनीति पहले से ही ध्रुवीकरण के दौर से गुजर रही है। फिलहाल इतना तय है कि मेंटल हॉस्पिटल का मुद्दा अब सिर्फ स्वास्थ्य सुविधा का विषय नहीं रहा, बल्कि सियासी वार-पलटवार का नया हथियार बन गया है।