"अमेरिका से बराबरी पर बात करो": राहुल गांधी का लोकसभा में ट्रेड डील पर बड़ा हमला—भारत बेच दिया?
राहुल गांधी ने लोकसभा में US ट्रेड डील पर हमला बोला—"अमेरिका से बराबरी पर बात करो"। किसान-डेटा बेचा, टैरिफ 18%। भारत माता को बेच दिया। पूरा बयान।
राहुल गांधी का लोकसभा में अमेरिका पर बड़ा बयान: "बातचीत बराबरी के स्तर पर होगी"

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका से साफ कहना चाहिए कि बातचीत बराबरी के स्तर पर होगी। भारत कोई नौकर नहीं जो सिर झुकाकर डील करे। सदन में ये बयान सुनते ही हंगामा मच गया।
ट्रेड डील पर राहुल का गुस्सा
राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापारिक डील पर सीधा निशाना साधा। उनका कहना था कि अगर विपक्ष सत्ता में होता तो राष्ट्रपति ट्रंप से ऐसी डील कभी न करते। हम कहते ट्रंप साहब आप डॉलर बचाना चाहते हैं तो ठीक लेकिन भारतीय हितों का ध्यान रखिए। डेटा, ऊर्जा, किसानों सबकी रक्षा करेंगे। बराबरी का दर्जा लीजिए।
उन्होंने सदन में कहा कि आपने अमेरिका को भारत बेच दिया। क्या शर्म नहीं आती। हमारी मां को बेच दिया। एनर्जी सिक्योरिटी खतरे में डाल दी। डेटा पर कंट्रोल छोड़ दिया। ये सरेंडर है। किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया। आने वाला कोई नहीं करेगा।
डेटा और किसानों पर खतरा
राहुल ने डेटा को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। कहा कि डिजिटल ट्रेड में हमने हार मान ली। डेटा लोकलाइजेशन नहीं। फ्री डेटा फ्लो। डिजिटल टैक्स पर सीमा। सोर्स कोड पर चर्चा तक नहीं। अमेरिका हमारा डेटा लेगा। AI का पेट्रोल बन जाएगा।
किसानों पर बोले कि मक्का सोयाबीन के दरवाजे खोल दिए। अमेरिकी मशीनीकृत खेती आएगी। हमारे छोटे किसान कुचल जाएंगे। ये शर्मनाक है। ट्रंप अपने किसानों को बचाना चाहते हैं हम भी बचाएंगे। लेकिन बराबरी पर बात।
ट्रंप टैरिफ और आर्थिक नुकसान
राहुल ने आंकड़े दिए। अमेरिका से हमारा आयात 46 बिलियन से बढ़कर 146 बिलियन हो जाएगा। हमारा टैरिफ 3 से 18 प्रतिशत। उनका 16 से जीरो। विदेशी कंपनियों को 20 साल टैक्स छूट। टेक्सटाइल सेक्टर कमजोर। ये थोक सरेंडर है।
उन्होंने कहा कि दुनिया बदल रही। गाजा-इजरायल में युद्ध की झलक। जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट बढ़ा। एनर्जी-फाइनेंस वेपनाइज्ड। फिर भी सरकार अमेरिका को हथियार दे रही। भारत के फैसले अब वाशिंगटन लेगा। तेल कौन बेचेगा ये अमेरिका तय करेगा।
सदन में हंगामा और सरकार की चुप्पी

राहुल के बोलते ही BJP सांसद भड़क गए। चिल्लाओ चिल्लाओ। स्पीकर ओम बिरला ने बीच में टोका। राहुल ने कहा आप माइक बंद कर दो। फिर भी बोले। सरकार ने जवाब नहीं दिया। किरेन रिजिजू ने पुराना तंज कसा लेकिन ट्रेड डील पर खामोशी।
राहुल ने कहा कि PM कहते हैं युद्ध का दौर नहीं। लेकिन हम प्रवेश कर चुके। पुराने सिस्टम चैलेंज हो रहे। डेटा सबसे बड़ा धन। इसे बचाना जरूरी।
विपक्ष की रणनीति
कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया। राहुल ने कहा कि INDIA गठबंधन सत्ता में होता तो ट्रंप को सबक सिखाते। दोस्ती निभाते लेकिन बराबरी पर। ऊर्जा सुरक्षा कभी नहीं छोड़ते। किसानों की रक्षा करते। डेटा पर कंट्रोल रखते।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल ने राष्ट्रहित की बात की। सरकार अमेरिका के आगे घुटने टेक रही। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया बराबरी का हक सबका। अखिलेश यादव ने कहा सही कहा राहुल जी।
BJP का जवाब

भाजपा ने पलटवार किया। संबित पात्रा ने कहा राहुल विदेशी एजेंट। देश बेचने की बात कौन कर रहा। अमित मालवीय ने ट्वीट किया राहुल का अमेरिका विरोध पुराना। ट्रंप से डर क्यों। जेपी नड्डा ने कहा विकास के रास्ते पर हैं। ट्रेड डील से फायदा होगा।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया गरम। कांग्रेस समर्थक ट्रेंड कर रहे बराबरी की बात। BJP वाले राहुल को देशद्रोही बता रहे। चाय स्टॉल पर चर्चा।
ये बयान संसद सत्र को गरमा देगा। विपक्ष ट्रेड डील पर बहस चाहता। सरकार इससे बच रही। ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार। क्या भारत बराबरी पर बातचीत करेगा या चुप्पी साधेगा। राजनीति में नया दौर। राहुल का ये अंदाज विपक्ष को मजबूत कर सकता। 2029 चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा।
क्या लगता है आपको। राहुल सही हैं या सरकार। कमेंट करें।
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