जोधपुर की तंग गलियों में पुलिस का नया प्रयोग: 70 बाइकों से रातभर गश्त, बढ़ते अपराध पर काबू की कोशिश

जोधपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और रात्रिकालीन असुरक्षा के बीच पुलिस कमिश्नरेट ने एक नया प्रयोग शुरू किया है। शहर की तंग गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों में 70 बाइकों के साथ विशेष रात्रि गश्त अभियान की शुरुआत की गई है। ट्रायल के बाद लागू हुए इस प्लान का मकसद चोरी, चेन स्नेचिंग, नशे से जुड़े अपराधों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रभावी निगरानी रखना है। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या यह पहल बढ़ते अपराध पर स्थायी रोक लगा पाएगी।

जोधपुर की तंग गलियों में पुलिस का नया प्रयोग: 70 बाइकों से रातभर गश्त, बढ़ते अपराध पर काबू की कोशिश

जोधपुर की तंग गलियों में पुलिस का नया प्रयोग: 70 बाइकों से रातभर गश्त, बढ़ते अपराध पर काबू की कोशिश

जोधपुर।
शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और रात्रिकालीन असुरक्षा की शिकायतों के बीच जोधपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। बुधवार, 4 फरवरी 2026 की रात, पुलिस कमिश्नरेट ने शहर की तंग गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों में 70 बाइकों के साथ विशेष रात्रि गश्त अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

यह अभियान खासतौर पर उन इलाकों के लिए तैयार किया गया है, जहां बड़ी पुलिस गाड़ियां पहुंचने में असमर्थ रहती हैं और अपराधियों को इसका फायदा मिल जाता है।

नया प्रयोग, नई रणनीति

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान पारंपरिक पेट्रोलिंग से अलग एक नवाचार है। बाइक पर सवार पुलिसकर्मी संकरी गलियों, पुराने शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील मोहल्लों में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। इससे पुलिस की दृश्य उपस्थिति बढ़ेगी और अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा।

ट्रायल के बाद लागू हुआ प्लान

इस विशेष गश्त की शुरुआत तीन दिन पहले ट्रायल बेस पर की गई थी।
ट्रायल के दौरान पुलिस ने:

  • सीएलजी (Community Liaison Group) सदस्यों से सुझाव लिए

  • स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों से फीडबैक जुटाया

  • संवेदनशील इलाकों की मैपिंग की

ट्रायल के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद इसे पूरे शहर में लागू करने का फैसला लिया गया।

रात के अपराधों पर फोकस

पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार यह बाइक गश्त विशेष रूप से शाम और रात के समय की जाएगी।
इसका उद्देश्य:

  • चोरी, चेन स्नेचिंग और लूट जैसी घटनाओं पर रोक

  • संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान

  • महिला सुरक्षा और नाइट पेट्रोलिंग को मजबूत करना

जोधपुर में बढ़ते अपराध: पुलिस की चुनौतियाँ और हालिया घटनाएँ

 1. सट्टाधीश के 50वें मामले में फिर गिरफ्तारी

जोधपुर पुलिस ने एक दीर्घकालिक अपराधी को उसके 50वें आपराधिक रिकॉर्ड के साथ गिरफ्तार किया है। उम्र बढ़ने के बावजूद आरोपी का आपराधिक व्यवहार नहीं बदला, और शहर की पुलिस अब उसके पुराने मामलों की भी गहन जांच कर रही है।

2. मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना

बिलाड़ा क्षेत्र के एक गांव में 3 वर्षीय बच्ची को बेहोशी तक ललचाकर ले जाकर दुष्कर्म की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बच्ची को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

(दूसरी रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी ने चिप्स के बहाने बच्ची को ले जाकर अपराध किया था।)

 3. CISF जवान द्वारा अपने पिता की हत्या

पीपाड़ सिटी के पास एक CISF जवान ने अपने ही पिता की हत्या कर दी, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। यह घटना स्थानीय निवासियों में चिंता का विषय बनी हुई है।

 4. नशे की लत से गृहस्थ हिंसा

जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र में एक 47 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 75 वर्षीय मां की हत्या कर दी, पुलिस को संदेह है कि आरोपी के नशे की लत और मानसिक तनाव इस कृत्य का कारण रहे हैं। यह परिवार और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

 5. साइबर फ्रॉड में गिरफ़्तारी

जोधपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े गिरफ़्तारियों का पता लगाया, जिनके खिलाफ लगभग ₹1,100 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड और डुप्लिकेट SIM कार्ड से वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप हैं। इसके तहत एक 27 वर्षीय टेलीकॉम रिटेलर को गिरफ़्तार किया गया है।

बढ़ते अपराध: पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

हाल के महीनों में जोधपुर समेत राजस्थान के कई शहरों में:

  • नशे से जुड़े अपराध

  • चोरी और नकबजनी

  • महिलाओं से छेड़छाड़

  • रात के समय असुरक्षा की शिकायतें

लगातार बढ़ी हैं। पुलिस प्रशासन पर न सिर्फ अपराध रोकने, बल्कि जनता का भरोसा बनाए रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गश्त बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ-साथ:

  • बीट सिस्टम को मजबूत करना

  • स्थानीय सूचना तंत्र सक्रिय करना

  • युवाओं में बढ़ते नशे पर सख्त कार्रवाई

  • पुलिस बल की संख्या और संसाधनों में बढ़ोतरी

जैसे कदम भी जरूरी हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे अन्य जिलों और कस्बों में भी लागू किया जा सकता है। साथ ही आने वाले समय में ड्रोन सर्विलांस, स्मार्ट कैमरा नेटवर्क और डिजिटल पेट्रोलिंग को भी इस व्यवस्था से जोड़े जाने की योजना है।

70 बाइकों के साथ शुरू हुई यह विशेष गश्त जोधपुर पुलिस की एक सकारात्मक पहल है, लेकिन सवाल यही है—
क्या यह बढ़ते अपराध की रफ्तार को थाम पाएगी, या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम बनकर रह जाएगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में जमीन पर दिखेगा।