खाटूश्यामजी मंदिर के पट 19 घंटे रहेंगे बंद, 28 जनवरी शाम 5 बजे खुलेंगे ,जानें ताजा अपडेट
खाटूश्यामजी मंदिर के पट 27 जनवरी रात 10 बजे से 28 जनवरी शाम 5 बजे तक बंद: तिलक श्रृंगार के लिए 19 घंटे का विराम
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर के पट 27 जनवरी 2026 रात 10 बजे से 28 जनवरी शाम 5 बजे तक 19 घंटे के लिए बंद रहेंगे 。 इस दौरान मंदिर में विशेष तिलक श्रृंगार पूजा होगी, जिसके चलते आम श्रद्धालुओं के दर्शन निषिद्ध रहेंगे। मंदिर समिति मंत्री मानवेंद्र सिंह ने बताया कि शयन आरती के बाद पट बंद होंगे और संध्या आरती के बाद दोबारा खुलेंगे। भक्तों से समय का ध्यान रखने की अपील की गई है।
खाटूश्यामजी कौन हैं? पौराणिक कथा और महत्व

खाटूश्यामजी महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक (श्याम नाम से प्रसिद्ध) के स्वरूप हैं। वे भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त थे।
बर्बरीक की कथा (संक्षिप्त)
-
पिता: घटोत्कच (भीम पुत्र)
-
माता: अहिलावती
-
दान: अपनी तीन बूंदें रक्त दान करने को तैयार (जिससे 3 दिन में महाभारत समाप्त)
-
कृष्ण का वरदान: सिर दान के बाद भी दर्शन का वरदान
-
स्थान: महाभारत के बाद सिर जयपुर के श्याम कुंड में गिरा
मंदिर की स्थापना: 1027 ई. में राजा रूप सिंह चौहान ने स्वप्न में निर्देश पाकर श्याम कुंड से सिर प्रतिमा निकाली । वर्तमान संगमरमर मंदिर 1720 में बना।
विशेषता:
-
सफेद मकराना संगमरमर
-
चांदी का द्वार
-
श्याम कुंड (पुष्करणी)
-
श्याम बागीचा
मंदिर पट क्यों बंद किए जाते हैं? धार्मिक कारण
मंदिर पट बंद करना शास्त्रीय परंपरा है। मुख्य कारण:
तिलक श्रृंगार पूजा का महत्व
तिलक श्रृंगार में:
-
चंदन का तिलक ललाट से गाल तक
-
फूल, वस्त्र, आभूषणों से श्रृंगार
-
4-5 घंटे लगते हैं
-
पंडितों का विशेष समूह
शास्त्रीय आधार:
-
पूजा के दौरान बाहरी विक्षेप न हो
-
शुद्धिकरण और सेवा पूर्ण हो
-
ग्रहण/विशेष तिथि पर किरणें अशुद्ध मानी जाती हैं
पट बंद के अन्य कारण (वार्षिक)
| कारण | अवधि | उदाहरण |
|---|---|---|
| तिलक श्रृंगार | 19 घंटे | 27-28 जनवरी 2026 |
| शाही स्नान | 19-48 घंटे | हरियाली अमावस्या |
| चंद्र ग्रहण | 48 घंटे | सितंबर 2025 |
| देवउठनी एकादशी | 19 घंटे | अक्टूबर 2025 |
| सुधार कार्य | अनिश्चित | भीड़ प्रबंधन |

2026 शेड्यूल:
-
27 जनवरी रात 10:00 बजे बंद (शयन आरती बाद)
-
28 जनवरी शाम 5:00 बजे खुलना (संध्या आरती के बाद)
खाटूश्यामजी मंदिर: वार्षिक उत्सव कैलेंडर
प्रमुख त्योहार
| त्योहार | तिथि | विशेष |
|---|---|---|
| फाल्गुन मेला | फाल्गुन शुक्ल सप्तमी | मुख्य मेला, लाखों भक्त |
| हरियाली अमावस्या | श्रावण | शाही स्नान |
| अक्षय तृतीया | वैशाख | तिलक |
| देवउठनी एकादशी | कार्तिक | पट बंद |
| होली | चैत्र | रंगोत्सव |
दैनिक आरती समय:
-
मंगला: सुबह 5:30
-
भोग: 11:00
-
संध्या: शाम 7:00
-
शयन: रात 10:00
भक्तों के लिए दर्शन गाइड: कैसे पहुंचें, रहें?
यात्रा मार्ग
जयपुर → सीकर (85 किमी) → खाटू (40 किमी)
जोधपुर → जोधपुर-सीकर हाईवे
ट्रेन: सीकर/रिंगास स्टेशन
बस: राजस्थान रोडवेज प्रत्येक घंटेदर्शन नियम
-
टोकन सिस्टम: ऑनलाइन/ऑफलाइन
-
VIP दर्शन: ₹500-5000
-
मुंडन संस्कार: श्याम कुंड पर
-
धर्मशाला: 500+ कमरे उपलब्ध
पट बंद के दौरान क्या करें?
1 श्याम कुंड स्नान (दर्शन बिना)
2 श्याम बागीचा भ्रमण
3 जीण माता मंदिर (5 किमी)
4. जयपुर/सीकर घूमें
ऑफिशियल सोर्स:
-
khatushyamji.com
-
मंदिर ऐप
-
हेल्पलाइन: 01572-233007
पट बंद का ऐतिहासिक महत्व: परंपरा क्यों?
पुराण आधार:
-
महाभारत काल से विशेष पूजाएं बंद दरवाजों पर
-
भक्तों का विश्वास परीक्षा: धैर्य रखना
-
शुद्धि: बिना भीड़ के पूर्ण अनुष्ठान
आधुनिक कारण:
-
भीड़ प्रबंधन
-
सुरक्षा
-
रखरखाव
लाखों भक्तों का केंद्र: आंकड़े
वार्षिक आगमन:
-
फाल्गुन मेला: 20-30 लाख
-
सामान्य: 1 करोड़+
-
चढ़ावा: ₹100 करोड़+
प्रबंधन:
-
500+ पुलिसकर्मी
-
CCTV, ड्रोन निगरानी
-
क्यू मैनेजमेंट
पट खुलने के बाद: क्या उम्मीद करें?
28 जनवरी शाम 5 बजे:
-
भारी भीड़ संभावित
-
विशेष आरती
-
चढ़ावा बढ़ेगा
टिप्स:
-
सुबह जल्दी पहुंचें (अगले दिन)
-
पानी, भोजन साथ रखें
-
बुजुर्गों के लिए VIP
श्रद्धा और अनुशासन का संतुलन
खाटूश्यामजी मंदिर पट बंद परंपरा का सम्मान है। यह भक्तों को धैर्य सिखाता है। 27-28 जनवरी को नियम पालन करें, बाबा प्रसन्न होंगे।
जय श्याम! जय बाबा खाटूश्यामजी!


