Keoladeo National Park Rajasthan: जहां आसमान में उड़ते परिंदे और ज़मीन पर रेंगते अजगर, भरतपुर का अद्भुत वन संसार
Keoladeo National Park Rajasthan: केवलादेव को आमतौर पर बर्ड सेंचुरी के रूप में जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह भारतीय अजगरों के लिए भी सुरक्षित आवास है।
Keoladeo National Park Rajasthan: राजस्थान के भरतपुर में बसा केवलादेव नेशनल पार्क दुनिया भर में पक्षियों की स्वर्गस्थली के रूप में मशहूर है, लेकिन इसकी हरियाली के बीच एक और रहस्यमयी दुनिया बसती है—भारतीय अजगरों की दुनिया।
राजस्थान का नाम लेते ही रेगिस्तान की तस्वीर उभरती है, लेकिन भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान इस धारणा को बदल देता है। जलाशयों, दलदली भूमि, घास के विस्तृत मैदानों और पेड़ों से घिरा यह इलाका जैव विविधता का अनोखा संगम है। सर्दियों में जब साइबेरिया और मध्य एशिया से प्रवासी पक्षी यहां पहुंचते हैं, तो पूरा पार्क चहचहाहट से गूंज उठता है। मगर इसी प्राकृतिक संगीत के बीच ज़मीन पर एक शांत, लेकिन प्रभावशाली उपस्थिति भी रहती है—इंडियन रॉक पायथन।
पक्षियों के बीच अजगरों का साम्राज्य
केवलादेव को आमतौर पर बर्ड सेंचुरी के रूप में जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह भारतीय अजगरों के लिए भी सुरक्षित आवास है। यहां की आर्द्रभूमि और घनी वनस्पति इन विशाल सरीसृपों के लिए आदर्श परिस्थितियां तैयार करती हैं। पानी के स्रोतों की उपलब्धता और प्राकृतिक शिकार की मौजूदगी इन्हें यहां टिके रहने में मदद करती है।
अक्सर पर्यटक दूरबीन लेकर पेड़ों पर बैठे पक्षियों को निहारते हैं, जबकि कुछ ही दूरी पर घास में चुपचाप लेटा अजगर धूप का आनंद ले रहा होता है। यह दृश्य इस पार्क को रोमांच और रहस्य का अनोखा मिश्रण बना देता है।
आकार और शक्ति में अद्भुत
यहां पाए जाने वाले कई अजगर 15 से 20 फीट या उससे अधिक लंबे हो सकते हैं। उनका वजन 100 किलो से ऊपर तक पहुंच सकता है। उनका शरीर भले ही भारी दिखे, लेकिन वे बेहद फुर्तीले और धैर्यवान शिकारी होते हैं। मानसून और सर्दियों के दौरान इनके दिखने की संभावना अधिक रहती है, क्योंकि उस समय ये खुले स्थानों पर धूप सेंकते या जलाशयों के आसपास सक्रिय नजर आते हैं।
इनका शांत स्वभाव और धीरे-धीरे आगे बढ़ने की शैली कई बार लोगों को भ्रमित कर देती है, लेकिन वन विशेषज्ञ बताते हैं कि बिना छेड़छाड़ के ये आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं।
पारिस्थितिकी तंत्र में अहम भूमिका
अजगर केवल रोमांच का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। वे एक अहम हिस्सा हैं और छोटे जानवरों की आबादी को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। इससे पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित रहता है। उद्यान प्रशासन समय-समय पर इनकी निगरानी, गणना और स्वास्थ्य परीक्षण करता है।
Saloni Kushwaha 
