राजस्थान बजट 2026-27: किसानों, युवाओं और महिलाओं को बड़ा पैकेज, जानें जनता को कितना फायदा-कितना बोझ?
राजस्थान बजट 2026-27 में किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज, युवाओं को 10 लाख लोन, पानी-सड़क परियोजनाएं और महिला योजनाओं का बड़ा ऐलान। जानें असली फायदा और संभावित असर।
राजस्थान बजट 2026-27 : जनता के लिए कितना फायदा, कितना नुकसान?
11 फरवरी 2026 को विधानसभा में पेश हुआ यह बजट घोषणाओं से भरा हुआ है। आवास, किसान, रोजगार, महिलाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पर्यावरण—लगभग हर क्षेत्र को छुआ गया है।
लेकिन बजट का असली मूल्यांकन दो बातों से होता है:
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घोषणाएं जमीन पर उतरेंगी या नहीं?
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पैसे का इंतजाम कैसे होगा?
आइए एक-एक करके समझते हैं।

सरकारी कर्मचारी: राहत या प्रतीक्षा?
✔ फायदे
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8वें वेतन आयोग के लिए हाईपावर कमेटी
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नई नियुक्तियों की घोषणा (जलदाय में 3000 संविदा, कृषि विश्वविद्यालय में 400+ पद)
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होमगार्ड नफरी 5000 तक बढ़ेगी
सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद मिली है कि वेतन संरचना सुधरेगी।
संविदा कर्मियों को अवसर मिलेंगे।
❗ संभावित नुकसान
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अभी केवल कमेटी बनी है, वेतन बढ़ोतरी तुरंत नहीं होगी।
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राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ेगा।
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संविदा आधारित नौकरियां स्थायी सुरक्षा नहीं देतीं।
किसान वर्ग: बड़ा पैकेज, लेकिन शर्तें भी
✔ फायदे
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35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त फसली कर्ज
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50 हजार सोलर पंप
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36 हजार फार्म पॉन्ड
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8000 डिग्गियां
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कृषि यंत्रों पर 160 करोड़ अनुदान
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झींगा पालन के लिए सस्ती बिजली
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5 लाख पशुपालकों को 700 करोड़ बोनस
➡ किसानों के लिए यह बजट बेहद आक्रामक और विस्तारवादी है।
➡ पानी, बिजली और वित्त—तीनों मोर्चों पर राहत देने की कोशिश।
❗ संभावित खतरे
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ब्याज मुक्त कर्ज की वसूली और डिफॉल्ट का खतरा
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सोलर पंप और फार्म पॉन्ड में क्रियान्वयन की चुनौतियां
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यमुना जल परियोजना (32 हजार करोड़) — लंबी प्रक्रिया, राजनीतिक और अंतरराज्यीय विवाद संभव
पानी और पेयजल: सबसे बड़ा चुनावी सेक्टर
✔ फायदे
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6500 गांव हर घर नल से जुड़ेंगे
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3 लाख नए कनेक्शन
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24 हजार करोड़ की परियोजनाएं
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600 ट्यूबवेल
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नई जल नीति
➡ यह ग्रामीण वोट बैंक के लिए बड़ा संदेश है।
➡ पानी संकट झेल रहे इलाकों को राहत मिल सकती है।
❗ जोखिम
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भूजल स्तर पहले से गिर रहा है
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ट्यूबवेल बढ़ाने से दीर्घकालिक संकट गहरा सकता है
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बड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी न होने का इतिहास रहा है
युवाओं और रोजगार पर असर
✔ फायदे
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30 हजार युवाओं को 10 लाख तक ब्याज मुक्त लोन
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25 हजार मिनी ई-मित्र
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1000 युवाओं को विदेशी भाषा प्रशिक्षण
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राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी
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ड्रोन पॉलिसी
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रूरल वुमन BPO
➡ स्वरोजगार आधारित मॉडल
➡ सरकारी नौकरी के बजाय उद्यमिता को बढ़ावा
❗ चुनौतियां
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लोन आधारित मॉडल में जोखिम युवा पर
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बाजार और मेंटरशिप सपोर्ट का स्पष्ट रोडमैप नहीं
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पिछली योजनाओं में लोन रिकवरी समस्या रही
महिलाओं के लिए बजट
✔ फायदे
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लखपति दीदी कर्ज सीमा 1 लाख से 1.5 लाख
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SHG कर्ज सीमा 50 लाख से 1 करोड़
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50 हजार बालिकाओं को पोषण
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50 हजार बुजुर्गों को हवाई तीर्थ
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100 करोड़ रूरल BPO
➡ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का प्रयास
❗ सवाल
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क्या SHG लोन बाजार से जुड़ पाएंगे?
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पोषण योजनाओं की मॉनिटरिंग कैसी होगी?
शिक्षा सेक्टर
✔ फायदे
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2500 स्कूलों की मरम्मत
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323 करोड़ जादुई पिटारा
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खेल किट
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नई टेस्टिंग एजेंसी
➡ बुनियादी सुधार की कोशिश
❗ आलोचना
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उच्च शिक्षा और रिसर्च पर सीमित फोकस
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डिजिटल डिवाइड का समाधान स्पष्ट नहीं
स्वास्थ्य सेक्टर
✔ फायदे
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दस्तावेज न होने पर भी मुफ्त इलाज
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राज सुरक्षा योजना
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हाईवे एंबुलेंस
➡ गरीब और असंगठित वर्ग को सीधी राहत
❗ जोखिम
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अस्पतालों पर भार बढ़ेगा
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डॉक्टरों और संसाधनों की कमी पहले से है
इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट
✔ फायदे
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1800 करोड़ सड़क और ब्रिज
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15 ROB
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4 नए एयरपोर्ट सर्वे
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250 EV चार्जिंग स्टेशन
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60 CNG स्टेशन
➡ लॉजिस्टिक सुधार
➡ पर्यटन और निवेश को बढ़ावा
❗ खतरे
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बड़े प्रोजेक्ट में लागत बढ़ने का जोखिम
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एयरपोर्ट सर्वे = निर्माण की गारंटी नहीं
पर्यावरण और अरावली
✔ फायदे
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10 करोड़ पौधे
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130 करोड़ अरावली संरक्षण
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10% भूमि पर वृक्षारोपण अनिवार्य
➡ संतुलित विकास का प्रयास
❗ चिंता
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सोलर प्लांट विस्तार और भूमि उपयोग विवाद
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कार्बन क्रेडिट पायलट की व्यवहारिकता
राजस्व और टैक्स
✔ राहत
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रजिस्ट्रेशन शुल्क 1% से 0.5%
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अन्य राज्यों से वाहन टैक्स में कमी
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एमनेस्टी स्कीम
➡ व्यापार को राहत
❗ राज्य के लिए चुनौती
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टैक्स कम होने से राजस्व दबाव
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खर्च बहुत बड़ा, आय कैसे बढ़ेगी?
आर्थिक दृष्टिकोण से
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GSDP 21 लाख करोड़ पार
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प्रति व्यक्ति आय 2 लाख से ऊपर
लेकिन:
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कर्ज बढ़ेगा?
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राजकोषीय घाटा कितना रहेगा?
यह बजट विस्तारवादी (Expansionary Budget) है — खर्च ज्यादा, राहत ज्यादा।
कुल मिलाकर जनता को क्या मिलेगा?
मध्यम वर्ग
✔ टैक्स राहत
✔ बेहतर सड़क
❗ प्रत्यक्ष आय राहत कम
गरीब वर्ग
✔ फ्री इलाज
✔ पानी
✔ आवास
✔ महिला योजनाएं
किसान
✔ बड़ा फायदा
❗ कर्ज निर्भरता बढ़ेगी
युवा
✔ अवसर
❗ स्थायी नौकरी कम
क्या नुकसान भी है?
नुकसान सीधा नहीं दिखता, लेकिन:
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भविष्य में कर्ज भार बढ़ सकता है
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यदि परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हुईं तो पैसा फंसेगा
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योजनाओं का राजनीतिक उपयोग संभव
राजनीतिक प्रभाव
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ग्रामीण और किसान वोट बैंक मजबूत
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महिला और युवा फोकस
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इंफ्रास्ट्रक्चर से शहरी समर्थन
यह बजट चुनावी तैयारी की दिशा में संतुलित सामाजिक-आर्थिक पैकेज जैसा दिखता है।
यह बजट घोषणाओं का बजट है या परिणामों का बजट — यह अगले 12-18 महीनों में तय होगा।
अगर क्रियान्वयन मजबूत रहा तो:
राजस्थान को सीधा लाभ।
अगर सिर्फ कागजों में रहा तो:
राजकोषीय दबाव और जनता की निराशा।
Hindu Solanki 
