T20 वर्ल्ड कप 2026: BCCI ने ‘फैमिली ट्रैवल नियम’ पर भारतीय टीम की मांग ठुकराई — परिवार साथ नहीं रहेंगे टूर्नामेंट के दौरान

ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को परिवार के साथ रहने की अनुमति नहीं दी गई है। BCCI ने अपनी ट्रैवल पॉलिसी का हवाला देते हुए कहा कि 30 दिन के इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का पूरा फोकस खेल और टीम अनुशासन पर होना चाहिए।

T20 वर्ल्ड कप 2026: BCCI ने ‘फैमिली ट्रैवल नियम’ पर भारतीय टीम की मांग ठुकराई — परिवार साथ नहीं रहेंगे टूर्नामेंट के दौरान

नई दिल्ली / क्रिकेट डेस्क,  — ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान भारतीय टीम की फैमिली ट्रैवल (परिवार के साथ यात्रा/ठहरने) से जुड़ी चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में है। टीम इंडिया के मैनेजमेंट और खिलाड़ियों ने परिवार को साथ रखने की मांग की थी, लेकिन बीसीसीआई (BCCI) ने इसे ठुकरा दिया है और टूर्नामेंट के दौरान परिवार के साथ रहने की अनुमति नहीं दी है।

बीसीसीआई की ट्रेवल और टीम पॉलिसी के तहत खिलाड़ी अपने परिवार — पति/पत्नी, पार्टनर या बच्चों — को टीम के साथ केवल कुछ सीमित समय (जैसे 14 दिन) तक रहने की अनुमति दे सकता है, जब दौरा 45 दिनों से अधिक लंबा हो। लेकिन T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका में हो रहा है और यह करीब 30 दिन का ही टूर्नामेंट है, इसीलिए बोर्ड ने परिवार को पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम के साथ नहीं रहने देने का फैसला किया है।

बीसीसीआई ने टीम मैनेजमेंट से स्पष्ट कहा है कि टी20 वर्ल्ड कप के पूरे समय तक खिलाड़ी अपने परिवार के साथ टीम होटल या प्रैक्टिस/मैच स्थल पर नहीं रह सकते। हालांकि अगर खिलाड़ी चाहें तो अपने परिवार के लिए अलग व्यवस्थाएँ (होटल आदि) स्वयं कर सकते हैं, लेकिन यह टीम लॉजिस्टिक्स का हिस्सा नहीं होगा।

बीसीसीआई ने यह नीति खिलाड़ियों का पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित रखने और टीम के तालमेल व अनुशासन को मजबूत बनाने की वजह से दी है। पिछले कुछ टूर्नामेंट्स और विदेशी दौरों में विरोधियों को लेकर कुछ आलोचनाएँ सामने आई थीं कि परिवार के साथ रहने से टीम मीटिंग्स और तैयारी पर असर पड़ सकता है, उसके बाद से बोर्ड ने कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

टीम इंडिया ने T20 वर्ल्ड कप में USA के खिलाफ जीत के साथ अपना अभियान शुरू किया है और अब वह नामीबिया, नीदरलैंड तथा पाकिस्तान जैसे टीमों से मुकाबला करेगी। हालांकि फैमिली ट्रैवल पर निर्णय खिलाड़ियों के लिए एक छोटी निराशा भी रहा है, बहुत से खिलाड़ी चाहते थे कि बड़ी प्रतियोगिता में परिवार की उपस्थिति सहारा और ऊर्जा का स्रोत बनी रहे।

बीसीसीआई के इस सख्त फैसले को कुछ पूर्व क्रिकेट एक्सपर्टों और बोर्ड समर्थकों ने अनुशासन और फोकस पर जोर देने वाला सकारात्मक कदम बताया है, जबकि कुछ खिलाड़ी और परिवार इसे खेल की भावनात्मक चुनौतियों में कमी के रूप में देख रहे हैं।