विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया, TMC ने समर्थन से किया किनारा
संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर की भूमिका पक्षपातपूर्ण रही और लोकतांत्रिक बहस को रोका गया। कांग्रेस के नेतृत्व में लगभग 100 सांसदों के समर्थन से प्रस्ताव संसद सचिवालय में जमा किया गया है, जबकि विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र 2026 के बीच विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास (No-Confidence) प्रस्ताव आधिकारिक रूप से संसद सचिवालय में जमा कर दिया है। यह कदम विपक्ष और सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसमें विपक्ष का दावा है कि स्पीकर ने संसदीय प्रक्रियाओं में पक्षपात किया है और उनकी कार्यशैली ने लोकतांत्रिक बहस को प्रभावित किया है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने यह नोटिस दर्ज कराया, जिसे लगभग 100 से अधिक सांसदों के समर्थन के साथ पेश किया गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि स्पीकर बिरला ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया, साथ ही 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन और सम्बंधित प्रक्रियात्मक प्रश्नों पर कार्रवाई न करने के कारण यह कदम उठाया गया है।

इस प्रस्ताव पर चर्चा आज सदन में हो सकती है, लेकिन विपक्ष द्वारा इसे आगे पढ़ाने के लिए 14 दिनों का अनिवार्य नोटिस पीरियड भी आवश्यक है, जैसा संविधान और लोकसभा नियम के तहत निर्धारित है। यदि प्रस्ताव स्वीकार होता है और सदन में बहुमत से पास हो जाता है, तो स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाया जा सकता है।
इससे पहले विपक्ष ने कई बार बजट सत्र के दौरान हंगामा किया और सरकार तथा स्पीकर की आलोचना की कि विपक्ष की आवाज़ को संसदीय बहस में पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया। इसी तनाव के बीच यह अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष का सबसे गंभीर कदम माना जा रहा है।
प्रस्ताव को पेश करने के लिए न्यूनतम 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है और इसे Lok Sabha के संचालन नियमों के तहत ही सूचीबद्ध किया जाता है।
वहीं, Trinamool कांग्रेस (TMC) ने हालांकि विरोध की नाराजगी जताई, पर अभी तक प्रस्ताव के समर्थन पर स्पष्ट हाँ नहीं कही है, जिससे विपक्ष के भीतर विभाजन के संकेत भी मिले हैं।
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