बजट सत्र 2026 में संसद में बवाल: संसद का कार्य बाधित, नारवणे की अप्रकाशित किताब विवाद बना केंद्र
संसद के बजट सत्र 2026 में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब Four Stars of Destiny को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी द्वारा संसद में किताब के अंशों का हवाला देने पर लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगन और 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हुआ। सरकार ने इसे संसदीय नियमों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया, जबकि विपक्ष ने बहस दबाने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र 2026 में विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध जारी है और सदन की कार्यवाही कई दिनों से बाधित बनी हुई है। इस सत्र में एक प्रमुख कारण पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के इर्द-गिर्द उभरता विवाद रहा, जिसने लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगन और सस्पेंशन तक का रूप ले लिया है।
विपक्षी नेता राहुल गांधी ने संसद में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब 'Four Stars of Destiny' के कुछ अंशों को उद्धृत करने का प्रयास किया, जिसमें कथित तौर पर भारत-चीन सीमा विवाद जैसे sensitive मामलों का जिक्र था। राहुल गांधी ने यह दावा किया कि इसी किताब के आधार पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में प्रश्नों का सामना करना चाहिए।
हालांकि विवाद इसलिए और बढ़ गया क्योंकि यह किताब आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं हुई है, और इसके प्रकाशित न होने के बावजूद इससे जुड़े अंशों को संसद में पढ़ने का प्रयास विरोध और सत्तापक्ष दोनों के लिए समस्या बन गया। सत्तापक्ष के नेताओं ने कहा कि अप्रकाशित सामग्री का सार्वजनिक या संसदीय बहस में हवाला देना नियमों के खिलाफ है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

राहुल गांधी द्वारा किताब का हवाला देना शुरू करते ही सदन में भारी नाटक और गद्देबाज़ी जैसी स्थिति पैदा हो गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई सत्तापक्ष के सांसदों ने आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे संदर्भ को संसद में उद्धृत करना अनुचित है। इस कारण बजट सत्र की प्रक्रियाएं कई बार स्थगित करनी पड़ीं और सत्र की गतिविधियाँ बाधित रहीं।
इस मुद्दे को लेकर हंगामे के बीच विपक्ष की कठोर प्रतिक्रिया के चलते 8 विपक्षी सांसदों को लोकसभा सत्र के शेष भाग के लिए निलंबित कर दिया गया। विपक्ष ने कहा कि सरकार संसदीय बहस को रोक रही है और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषय से बहस से भाग रही है, जबकि सत्तापक्ष ने जवाब में कहा कि विरोधी व्यवहार को संयम से नियंत्रित करना आवश्यक था।

बजट सत्र में इस विवाद और हंगामे के कारण संसद की कार्यसूची प्रभावित हुई है और कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों तथा बजट की प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में बाधा आई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार संसदीय नियमों का दुरुपयोग कर बहस को रोके हुए है, जबकि सरकार का दावा है कि सुरक्षा-संबंधित मामलों पर सावधानी जरूरी है।
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