तेजस Mk1A ने रचा इतिहास, एचएएल नासिक संयंत्र से पहली उड़ान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहे मौजूद
भारत की स्वदेशी सैन्य क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए, तेजस एमके1ए लड़ाकू विमान ने शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के नासिक संयंत्र से पहली ऐतिहासिक उड़ान भरी।
भारत की स्वदेशी सैन्य क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए, तेजस एमके1ए लड़ाकू विमान ने शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के नासिक संयंत्र से पहली ऐतिहासिक उड़ान भरी। यह पहला मौका है जब नासिक स्थित संयंत्र में निर्मित एलसीए मार्क 1ए विमान ने आकाश में उड़ान भरी है।
इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जिन्होंने मौके पर तेजस एमके1ए की उड़ान और क्षमताओं का प्रदर्शन देखा। यह स्वदेशी विमान देश की आत्मनिर्भर रक्षा नीति– आत्मनिर्भर भारत– का एक सशक्त उदाहरण है।
एचएएल की तीसरी प्रोडक्शन लाइन का उद्घाटन
इस अवसर पर एचएएल की तीसरी प्रोडक्शन लाइन का भी उद्घाटन किया गया। नासिक में स्थापित इस नई लाइन का उद्देश्य भारतीय वायुसेना को तेजस एमके1ए की तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर जेट विमानों की डिलीवरी संभव हो सकेगी।
एचएएल के अधिकारियों के अनुसार, नई प्रोडक्शन लाइन पूरी तरह से अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और इसकी स्थापना "मेक इन इंडिया" अभियान को और मजबूती देने के लिए की गई है।
भारतीय वायुसेना को मिलेगा बढ़ा हुआ बल
तेजस एमके1ए, एलसीए तेजस का उन्नत संस्करण है, जिसमें बेहतर एवियोनिक्स, रडार, और हथियार प्रणालियाँ शामिल हैं। इसके अलावा यह हल्का, अधिक घातक और पूर्ण रूप से स्वदेशी है। आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना को कुल 83 तेजस एमके1ए विमान प्राप्त होने हैं, जिनमें से कई अब नासिक संयंत्र से तैयार होकर उड़ान भरेंगे।

