सुपर एक्सप्रेसवे’ से राजस्थान समेत छह राज्यों को मिलने जा रही बड़ी राहत
देश का सबसे लंबा और आधुनिक दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे इस सुपर एक्सप्रेसवे की लंबाई 1386 किलोमीटर है और यह नौ फेज में तैयार किया जा रहा है।
नई दिल्ली। देश का सबसे लंबा और आधुनिक दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे इस सुपर एक्सप्रेसवे की लंबाई 1386 किलोमीटर है और यह नौ फेज में तैयार किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, दो फेज को छोड़कर बाकी सभी हिस्से इस साल के अंत तक आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस परियोजना से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के करोड़ों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

80 फीसदी से ज्यादा काम पूरा
NHAI अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे का 80% से अधिक काम पूरा हो चुका है।
दिल्ली से दौसा–सवाई माधोपुर तक 293 किमी का हिस्सा पहले ही ट्रैफिक के लिए खोला जा चुका है। वहीं झालावार–रतलाम–एमपी/गुजरात बॉर्डर तक 245 किमी हिस्सा भी चालू है।
अब जो सेक्शन दिसंबर तक तैयार होंगे, उनमें शामिल हैं
- जवाहरलाल नेहरू पोर्ट – 95 किमी
- सूरत से विरार (मुंबई) – 291 किमी
- भरूच से सूरत – 38 किमी
- एमपी बॉर्डर से गुजरात – 148 किमी
- सवाई माधोपुर से झालावार – 159 किमी
इन हिस्सों के चालू होने के बाद एक्सप्रेसवे पूरी तरह कनेक्टेड हो जाएगा।
छह राज्यों के शहरों को मिलेगा फायदा
यह सुपर एक्सप्रेसवे हरियाणा के सोहना से शुरू होकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात होते हुए महाराष्ट्र तक जाएगा। इससे निम्न प्रमुख शहरों के लोगों को सीधी सुविधा मिलेगी —
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, सूरत और मुंबई। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय कम करेगा बल्कि ट्रेन और हवाई यात्रा का विकल्प भी बनेगा। सड़क मार्ग से सफर अब तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।
केवल एक महीने का इंतजार
सड़क परिवहन मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि दिसंबर तक यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। हालांकि, महाराष्ट्र–गुजरात बॉर्डर के दो सेक्शन में अभी कार्य चल रहा है। पूरा एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद दिल्ली से मुंबई का सफर अब 12 घंटे से भी कम में तय किया जा सकेगा।

