इन्वेस्टमेंट के नाम पर 13.50 लाख की ठगी, साइबर पुलिस ने 9.40 लाख रुपए करवाए होल्ड

अजमेर में निवेश के नाम पर 13.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। लोहागल उदित नगर निवासी अजय सिंह राठौड़ से आरोपी ने फर्जी पहचान और बड़े मुनाफे का झांसा देकर रकम ट्रांसफर करवाई। शिकायत के बाद जयपुर में जीरो FIR दर्ज हुई और मामला अजमेर साइबर थाने को ट्रांसफर किया गया। त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने 9.40 लाख रुपये की राशि होल्ड करा ली है। जांच जारी है।

इन्वेस्टमेंट के नाम पर 13.50 लाख की ठगी, साइबर पुलिस ने 9.40 लाख रुपए करवाए होल्ड

अजमेर : निवेश के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति से लाखों रुपये ठग लिए गए। हालांकि समय रहते की गई शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई से ठगी की बड़ी रकम को होल्ड करा लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, लोहागल उदित नगर निवासी अजय सिंह राठौड़ ने शिकायत दर्ज करवाई कि एक आरोपी ने खुद को भरोसेमंद निवेश सलाहकार बताकर फर्जी पहचान और नकली दस्तावेज दिखाए। आरोपी ने बड़े मुनाफे का लालच देकर उन्हें निवेश के लिए तैयार किया और अलग-अलग किस्तों में कुल 13 लाख 50 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

जब लंबे समय तक निवेश का कोई रिटर्न नहीं मिला और आरोपी टालमटोल करने लगा, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने जीरो FIR जयपुर में दर्ज करवाई, जिसके बाद मामला जांच के लिए अजमेर साइबर थाना को ट्रांसफर कर दिया गया।

साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों को ट्रैक किया और करीब 9 लाख 40 हजार रुपये की राशि को होल्ड करा दिया, जिससे पीड़ित की बड़ी रकम फिलहाल सुरक्षित हो सकी है।

Rajasthan Police के साइबर विशेषज्ञ अब मामले में धन के ट्रांजेक्शन, आरोपी की पहचान और उसके नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित कंपनी और व्यक्ति की पूरी जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर पुलिस को सूचना दें।