विधानसभा बजट सत्र में फसल बीमा घोटाले पर गरजे कृषि मंत्री, SOG जाँच की घोषणा
Jaipur में बजट सत्र के दौरान Rajasthan Legislative Assembly में फसल बीमा और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कथित घोटालों का मुद्दा गूंजा। कृषि मंत्री Kirodi Lal Meena ने सदन में कहा कि डिफॉल्टर कंपनियों को राज्य में आगे काम नहीं दिया जाएगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सालासर शाखा में जांच के दौरान 71 किसानों के दस्तावेज गायब मिलने और फर्जी कागजातों से लेन-देन का मामला सामने आया। सरकार ने FIR दर्ज कर जांच Rajasthan SOG को सौंपने की घोषणा की है।
जयपुर : बजट सत्र के दौरान राजस्थान विधानसभा में फसल बीमा और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कथित घोटालों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सदन में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बयां देते हुए कहा की डिफाल्टर कंपनियों को राजस्थान में आगे काम नहीं मिलना चाहिए। मंत्री ने बताया की स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की सालासर शाखा में जांच के दौरान चौकाने वाले तथ्य सामने आये है। उन्होंने कहा की 71 किसानों के दस्तावेज ही उपलब्ध नहीं थे और फर्जी कागजातों के आधार पर लेन - देन किया गया।
कृषि मंत्री ने सदन में कहा की पुरे मामले में माफिया कंपनियों के लोग शामिल है और कुछ आम लोग भी इसमें जुड़े हुए पाए गए है। उन्होंने आरोप लगाया की बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम दिया गया। सरकार की ओर से इस मामले में FIR दर्ज कराई जा चुकी है और सभी मामलों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।

मंत्री ने कहा की फसल बीमा क्लेम के मामलों में संगठित तरीके से अपराध किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने सदन में विशेष अभियान चलाकर जांच कराने की बात कही है। साथ ही मंत्री ने सदन को बताया की पुरे मामले की जांच अब SOG से कराई जाएगी ताकि पुरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

यह बयान उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा के सवाल के जवाब में दिया है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया की किसानों के बकाया भुगतान सरकार द्वारा किया जा रहा है। इस मुद्दे के सामने आने के बाद विधानसभा में राजनीतिक बहस तेज हो गयी और फसल बीमा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे है।
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