भारत ने रचा इतिहास, रिकॉर्ड छठी बार जीता अंडर-19 वर्ल्ड कप
भारतीय अंडर-19 टीम ने हरारे में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर रिकॉर्ड छठी बार वर्ल्ड कप खिताब जीता। वैभव सूर्यवंशी की 175 रन की विस्फोटक पारी और बीसीसीआई द्वारा घोषित 7.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि ने इस जीत को और खास बना दिया।
भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करते हुए रिकॉर्ड छठी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। हरारे में खेले गए फाइनल मुकाबले में आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया।
बीसीसीआई ने की 7.5 करोड़ रुपये की इनामी घोषणा
खिताबी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने युवा खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए 7.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने का ऐलान किया।
बीसीसीआई सचिव देवजित साइकिया ने टीम की तारीफ करते हुए कहा कि बड़े मंच पर दबाव के बीच खिलाड़ियों ने जिस परिपक्वता और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, वह गर्व की बात है।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी ने बदला मैच का रुख
फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने विस्फोटक अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
उन्होंने मात्र 80 गेंदों पर 175 रन ठोक डाले। अपनी इस यादगार पारी में वैभव ने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इंग्लैंड की कोशिश नाकाम
412 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट झटककर मैच पर पकड़ बनाए रखी। पूरी इंग्लिश टीम 311 रन पर सिमट गई और भारत ने 100 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
वैभव को मिला दोहरा सम्मान
शानदार शतक लगाने वाले वैभव सूर्यवंशी को फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट में लगातार दमदार प्रदर्शन के कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी मिला। भारतीय युवा टीम की यह जीत आने वाले समय में सीनियर क्रिकेट के लिए मजबूत आधार मानी जा रही है। देशभर में इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया जा रहा है।
Saloni Kushwaha 
