भारत छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन, 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में रचा इतिहास
भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठी बार खिताब अपने नाम किया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 411 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 311 रन पर सिमट गई। यह जीत भारतीय युवा क्रिकेट की मजबूती और भविष्य के सितारों की झलक दिखाती है।
भारत छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन, वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी से इंग्लैंड 100 रन से ढेर
हरारे (जिम्बाब्वे)।
भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर एकतरफा अंदाज़ में खिताब पर कब्जा जमाया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस महामुकाबले में भारत का दबदबा शुरुआत से अंत तक साफ दिखाई दिया।
टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी, भारत ने खड़ा किया पहाड़ जैसा स्कोर

कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया और टीम के युवा बल्लेबाज़ों ने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में सबसे प्रभावशाली पारियों में से एक माना जा रहा है।
14 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान
मैच के हीरो रहे महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने क्रिकेट जगत को चौंका देने वाली पारी खेली। वैभव ने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रन ठोक दिए। उनकी पारी का खास पहलू यह रहा कि 150 रन केवल बाउंड्री से आए।
उन्होंने 218.75 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करते हुए 15 चौके और 15 छक्के लगाए। फाइनल जैसे बड़े मंच पर इतनी परिपक्व और आक्रामक पारी ने उन्हें रातों-रात भारतीय क्रिकेट का नया चेहरा बना दिया।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी जिम्मेदारी निभाते हुए 53 रनों की अहम पारी खेली। इंग्लैंड की ओर से सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट लेकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय रनगति पर लगाम नहीं लगा सके।
लक्ष्य बड़ा, दबाव और भी बड़ा
412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम पर शुरुआत से ही दबाव साफ नजर आया। हालांकि ओपनर बेन डॉकिन्स (66 रन) और बाद में कालेब फॉल्कनर (115 रन, 67 गेंद) ने संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर मैच को हाथ से फिसलने नहीं दिया।

भारतीय गेंदबाज़ों का अनुशासित प्रदर्शन
इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
भारतीय गेंदबाज़ों में आरएस अंबरीश सबसे सफल रहे, जिन्होंने 3 विकेट झटके। वहीं दीपेश देवेन्द्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट लेकर इंग्लैंड की रनचेज़ की कमर तोड़ दी।
छठा खिताब, भारत का दबदबा कायम
इस जीत के साथ भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया। इससे पहले भी भारत सबसे ज्यादा बार यह खिताब जीतने वाली टीम रही है और इस जीत ने युवा क्रिकेट सिस्टम की मजबूती को फिर साबित कर दिया।
भविष्य की झलक
वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी यह संकेत दे रहे हैं कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भरोसे का प्रमाण है कि भारत की क्रिकेट नर्सरी लगातार विश्व स्तर के खिलाड़ी तैयार कर रही है।
हरारे की इस ऐतिहासिक शाम ने यह साफ कर दिया — अंडर-19 क्रिकेट की दुनिया में भारत अब भी नंबर-1 है।
Hindu Solanki 
