मिलानो–कॉर्टिना 2026: 6 से 22 फरवरी तक इटली में होंगे शीतकालीन ओलंपिक, जानिए पूरा शेड्यूल और आयोजन मॉडल

शीतकालीन ओलंपिक खेल 2026 का आयोजन इटली के मिलानो और कॉर्टिना डी’अम्पेज़ो में 6 से 22 फरवरी तक किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की निगरानी में होने वाले इन खेलों में 90 से अधिक देशों के 3000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह ओलंपिक कम खर्च, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक आयोजन मॉडल के लिए खास माना जा रहा है।

मिलानो–कॉर्टिना 2026: 6 से 22 फरवरी तक इटली में होंगे शीतकालीन ओलंपिक, जानिए पूरा शेड्यूल और आयोजन मॉडल

मिलानो–कॉर्टिना 2026: कैसे, कहां और किसके जरिए होंगे शीतकालीन ओलंपिक खेल

6 से 22 फरवरी तक इटली में दुनिया का सबसे बड़ा विंटर स्पोर्ट्स आयोजन

शीतकालीन ओलंपिक खेल 2026 को लेकर तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की देखरेख में इटली के मिलानो और कॉर्टिना डी’अम्पेज़ो में यह वैश्विक खेल महाकुंभ 6 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

यह ओलंपिक कई मायनों में अलग होगा — न सिर्फ आयोजन स्थल, बल्कि खर्च, पर्यावरण, खेल संरचना और आयोजन मॉडल के लिहाज़ से भी।

 कहां होंगे खेल और क्यों चुने गए ये शहर?

 मिलान (Milan)

मिलानो इटली का औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यहां वे खेल होंगे जो इनडोर और आइस स्टेडियम में आयोजित किए जाते हैं।

मिलानो में होंगे ये खेल:

  • फिगर स्केटिंग

  • स्पीड स्केटिंग

  • शॉर्ट ट्रैक स्केटिंग

  • आइस हॉकी (कुछ मुकाबले)

  • उद्घाटन समारोह

यहां पहले से मौजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम और एरिना हैं, इसलिए नए निर्माण की ज़रूरत कम पड़ी।

 कॉर्टिना डी’अम्पेज़ो (Cortina d’Ampezzo)

कॉर्टिना उत्तरी इटली का प्रसिद्ध पहाड़ी इलाका है, जिसे विंटर स्पोर्ट्स की राजधानी कहा जाता है।
यहां 1956 में भी शीतकालीन ओलंपिक हो चुके हैं।

कॉर्टिना में होंगे:

  • अल्पाइन स्कीइंग

  • फ्रीस्टाइल स्कीइंग

  • स्नोबोर्डिंग

  • क्लोज़िंग सेरेमनी

 बर्फ, ढलान और मौसम — तीनों यहां प्राकृतिक रूप से अनुकूल हैं।

 तारीखें तय कैसे हुईं?

IOC ने अंतरराष्ट्रीय खेल कैलेंडर और मौसम की स्थिति को देखते हुए तारीखें तय कीं:

  • 6 फरवरी 2026 – उद्घाटन समारोह

  • 7–21 फरवरी – सभी प्रतियोगिताएं

  • 22 फरवरी 2026 – समापन समारोह

फरवरी का यह समय इसलिए चुना गया क्योंकि:

  • यूरोप में बर्फ स्थिर रहती है

  • खिलाड़ियों की सुरक्षा बेहतर रहती है

  • टीवी प्रसारण के लिए वैश्विक समय अनुकूल होता है

 कौन-कौन से खेल होंगे और कैसे होते हैं?

 स्नो स्पोर्ट्स (पहाड़ों पर)

इन खेलों में खिलाड़ी प्राकृतिक या कृत्रिम बर्फ पर मुकाबला करते हैं:

  • अल्पाइन स्कीइंग – ऊंची ढलान से तेज़ रफ्तार में उतरना

  • क्रॉस कंट्री स्कीइंग – लंबी दूरी की स्की रेस

  • स्नोबोर्डिंग – एक बोर्ड पर संतुलन और ट्रिक्स

  • फ्रीस्टाइल स्की – हवा में कलाबाज़ी और स्टंट

 इन खेलों के लिए ट्रैक IOC और इंटरनेशनल स्की फेडरेशन तय करते हैं।

 आइस स्पोर्ट्स (स्टेडियम में)

  • आइस हॉकी – पुरुष और महिला टीम टूर्नामेंट

  • फिगर स्केटिंग – सिंगल, पेयर और डांस कैटेगरी

  • स्पीड स्केटिंग – टाइम के खिलाफ रेस

  • कर्लिंग – रणनीति और सटीकता का खेल

हर मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय रेफरी और टेक्निकल जज नियुक्त होते हैं।

 कितने देश, कितने खिलाड़ी?

  • 90+ देश भाग लेंगे

  • 3000 से ज्यादा एथलीट

  • सैकड़ों कोच, मेडिकल टीम और अधिकारी

हर देश का चयन:

  • क्वालिफाइंग टूर्नामेंट

  • वर्ल्ड कप पॉइंट्स

  • अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर होता है

शीतकालीन ओलंपिक 2026 में भारत की भूमिका क्या होगी?

1. भारत की भागीदारी: सीमित लेकिन लगातार

भारत शीतकालीन ओलंपिक में नियमित भागीदारी करता रहा है, लेकिन पदक के स्तर तक पहुंच अब तक नहीं बन पाई है।
मिलानो–कॉर्टिना 2026 में भी भारत का फोकस मुख्य रूप से इन खेलों पर रहेगा:

  • अल्पाइन स्कीइंग

  • लूज (Luge)

  • क्रॉस कंट्री स्कीइंग (क्वालिफिकेशन पर निर्भर)

भारतीय खिलाड़ी फिलहाल क्वालिफाइंग इवेंट्स और इंटरनेशनल सर्किट के ज़रिये ओलंपिक टिकट पाने की कोशिश में हैं।

 2. भारत क्यों पीछे है शीतकालीन खेलों में?

ये सिर्फ खिलाड़ियों की कमी का सवाल नहीं है, बल्कि सिस्टम का मुद्दा है:

  • भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी

  • बर्फीले खेलों के लिए स्थायी ट्रेनिंग सेंटर नहीं

  • सीमित फंडिंग और स्पॉन्सरशिप

  • हिमाचल, उत्तराखंड, लद्दाख जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं का सही इस्तेमाल नहीं

यही वजह है कि भारत आज भी शीतकालीन ओलंपिक में “भाग लेने वाला देश” है, “दावेदार देश” नहीं।

 3. फिर भी भारत के लिए 2026 क्यों अहम है?

क्योंकि अब सोच बदल रही है।

  • Khelo India – Winter Games की शुरुआत

  • सेना और आईटीबीपी से जुड़े खिलाड़ियों को बढ़ावा

  • लद्दाख और हिमाचल में स्कीइंग को प्रोफेशनल स्पोर्ट बनाने की कोशिश

  • IOA (Indian Olympic Association) का लॉन्ग टर्म प्लान

मिलानो–कॉर्टिना 2026 भारत के लिए पदक नहीं, तैयारी की परीक्षा है।

 आयोजन कौन करता है और पैसा कहां से आता है?

 मुख्य ज़िम्मेदारी

  • IOC – नियम, निगरानी और ब्रॉडकास्ट

  • मिलानो–कॉर्टिना ऑर्गनाइजिंग कमेटी – ग्राउंड लेवल तैयारी

  • इटली सरकार और स्थानीय प्रशासन – सुरक्षा, परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर

 खर्च कैसे घटाया गया?

  • नए स्टेडियम कम बनाए

  • पुराने ओलंपिक वेन्यू का दोबारा इस्तेमाल

  • पर्यावरणीय नुकसान कम करने की योजना

IOC के मुताबिक यह अब तक का सबसे किफायती विंटर ओलंपिक मॉडल है।

 उद्घाटन और समापन समारोह कैसे होंगे?

उद्घाटन समारोह

  • मिलानो में

  • इटली की संस्कृति, संगीत और इतिहास की झलक

  • खिलाड़ियों की परेड

समापन समारोह

  • कॉर्टिना में

  • विजेताओं का सम्मान

  • ओलंपिक ध्वज अगली मेज़बान को सौंपा जाएगा

 क्यों खास है मिलानो–कॉर्टिना 2026?

  • 20 साल बाद इटली को ओलंपिक मेज़बानी

  • शहर + पहाड़ का संयुक्त मॉडल

  • महिला और पुरुष इवेंट्स में संतुलन

  • पर्यावरण और बजट पर फोकस

आख़िरी सवाल

क्या मिलानो–कॉर्टिना 2026 भविष्य के ओलंपिक आयोजनों की नई दिशा तय करेगा?
या फिर यह प्रयोग सिर्फ काग़ज़ों तक सीमित रह जाएगा?

जवाब जल्द  मिलेगा।