तेजस फाइटर जेट हादसा: लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा, पायलट सुरक्षित, IAF ने 30 विमान ग्राउंड किए
भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL तेजस से जुड़ा बड़ा हादसा सामने आया है। लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी के कारण विमान रनवे से आगे निकल गया, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ। पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर अपनी जान बचाई। घटना के बाद IAF ने एहतियातन करीब 30 तेजस विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक सिस्टम फेलियर की आशंका जताई जा रही है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL Tejas से जुड़ा एक बड़ा हादसा सामने आया है। हाल ही में लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी के चलते विमान रनवे से आगे निकल गया, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना फरवरी 2026 की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण एयरबेस पर हुई, जब तेजस विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान के बाद वापस लौट रहा था। लैंडिंग के दौरान अचानक ब्रेक सिस्टम में खराबी आ गई, जिसके कारण विमान रनवे पर नियंत्रण खो बैठा और आगे निकल गया। इस हादसे में विमान को गंभीर क्षति पहुंची है।

घटना के तुरंत बाद Indian Air Force ने एहतियातन बड़ा फैसला लेते हुए अपने करीब 30 तेजस लड़ाकू विमानों के पूरे बेड़े को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया है। सभी विमानों की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
प्रारंभिक जांच में इस हादसे की वजह तकनीकी गड़बड़ी, खासकर ब्रेक फेलियर या ऑनबोर्ड सिस्टम में खराबी मानी जा रही है। हालांकि वायुसेना ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
यह घटना इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि तेजस विमान से जुड़े पिछले कुछ वर्षों में यह तीसरा बड़ा हादसा माना जा रहा है। इससे पहले 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में एक तेजस विमान क्रैश हुआ था, जबकि 2025 में दुबई एयर शो के दौरान भी एक दुर्घटना सामने आई थी।
तेजस फाइटर जेट भारत की “मेक इन इंडिया” रक्षा परियोजना का अहम हिस्सा है और इसे देश की वायुसेना को आधुनिक बनाने के लिए विकसित किया गया है। ऐसे में बार-बार सामने आ रही तकनीकी समस्याएं इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही हैं।
फिलहाल, वायुसेना पूरी तरह से सतर्क है और सभी विमानों की जांच के बाद ही उन्हें दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाएगी। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से इस हादसे के असली कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
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