योगी मंत्रिमंडल का विस्तार, 27-29 के तार !
उत्तर प्रदेश में 27 की बिसात बिछना शुरू हो गई है। योगी मंत्रिमंडल के विस्तार ये साफ है कि अब पार्टी 27 और 29 में लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए आज खास दिन है. लंबे समय से चर्चा में चल रहा सीएम योगी मंत्रिमंडल विस्तार अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. रविवार दोपहर तीन बजे जन भवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा. इस विस्तार में करीब छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जबकि दो मौजूदा मंत्रियों का प्रमोशन हो सकता है. जिन मंत्रियों का कद बढ़ सकता हैं उनके नाम हैं अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर. इन्हें कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है.

सामाजिक-राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति
कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बड़े फेरबदल की भी तैयारी है. बीजेपी इस विस्तार के जरिए सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है. खासतौर पर महिला और दलित प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जा रही है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक संतुलन मजबूत करना बेहद जरूरी है. इसी वजह से इस बार कैबिनेट में ऐसे चेहरों को जगह देने की तैयारी है, जो अलग-अलग वर्गों में राजनीतिक संदेश दे सकें. संभावित नामों में समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी के करीब आए मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र सिंह दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और चौधरी भूपेंद्र सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है
बीजेपी के फॉर्मुले से विरोधी चित्त
माना जा रहा है कि इन नेताओं को शामिल कर बीजेपी विपक्ष के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. पार्टी की रणनीति साफ है कि गैर-यादव पिछड़ों और दलित वोट बैंक में अपनी पकड़ और मजबूत की जाए. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संभावित मंत्रियों को लखनऊ पहुंचने के निर्देश दे दिए गए हैं. राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ बड़े विभागों का पुनर्गठन किया जा सकता है, ताकि सरकार की कार्यशैली को और प्रभावी बनाया जा सके.
JP Sharma 
