तेल-व्यापार पर खतरा, दुनिया ने दी चेतावनी ,मिडिल ईस्ट तनाव पर अंतरराष्ट्रीय दबाव तेज

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के 20 प्रमुख देशों ने हॉर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में ईरान की आक्रामक गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कमर्शियल जहाजों पर हमलों और तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की गई है। देशों ने कहा कि यह स्थिति वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा है। साथ ही ईरान से सभी आक्रामक कदम रोकने और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का पालन करने की अपील की गई है। अब अंतरराष्ट्रीय नजरें ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

मिडिल ईस्ट में गहराते तनाव के बीच एक अहम खबर सामने आयी हैं जिसके अनुसार दुनिया के कई प्रमुख देशो।।  जैसे —यूनाइटेड अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया, न्यूज़ीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फ़िनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया—के नेताओं ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया है

इस जॉइंट स्टेटमेंट में इन देशों ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है।

बयान में कहा गया है कि बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों पर हालिया हमले, तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना, और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज़ स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद करने की कोशिश—इन सभी की कड़ी निंदा की जाती है।

जॉइंट स्टेटमेंट में साफ शब्दों में कहा है कि ये घटनाएँ न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

संयुक्त बयान में आगे कहा गया है कि सभी देश इस बढ़ते टकराव को लेकर गहरी चिंता में हैं और स्थिति को तुरंत शांत करने की जरूरत है।

ईरान से अपील करते हुए बयान में कहा गया है कि वह अपनी सभी आक्रामक गतिविधियों को तुरंत रोके—जिसमें धमकियाँ देना, समुद्र में माइंस बिछाना, ड्रोन और मिसाइल हमले करना, और कमर्शियल शिपिंग को बाधित करने की कोशिशें शामिल हैं।

इसके साथ ही, ईरान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने की भी मांग की गई है।

फिलहाल, इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजरें ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

क्या इस अपील के बाद तनाव कम होगा, या हालात और बिगड़ेंगे—ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा