सिरोही में प्रशासन की अनूठी पहल, ईंधन बचाने के लिए साइकिल पर अधिकारी
प्रधानमंत्री की अपील पर सिरोही में ईंधन बचत का संदेश दिया, आमजन से भी सप्ताह में एक दिन साइकिल और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की।
पश्चिमी एशिया में जारी संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही तेल कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन और संसाधनों की बचत को लेकर की गई अपील का असर अब जिला स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। सिरोही जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक पहल करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइकिल से कार्यालय पहुंचने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर की पहल
जिला मुख्यालय पर अलग ही नजारा देखने को मिला। कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी साइकिल चलाते हुए अपने-अपने कार्यालय पहुंचे। प्रशासन की इस पहल को आमजन ने भी सराहा और इसे सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया।
अधिकारियों ने दिया जागरूकता का संदेश
इस अभियान में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर स्वयं साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे। उनके साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाशचंद अग्रवाल, तहसीलदार जगदीश विश्नोई, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक गोविन्द चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी साइकिल से कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन की बचत समय की आवश्यकता बन गई है। बढ़ती तेल कीमतों के बीच यदि आमजन छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो इससे आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान दिया जा सकता है।

स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ
कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि साइकिल का उपयोग केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। नियमित साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है और प्रदूषण में भी कमी आती है। उन्होंने कहा कि यदि लोग सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों के बजाय साइकिल अथवा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो इससे ईंधन की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने जिलेवासियों से भी प्रधानमंत्री के संदेश को आत्मसात करने की अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए अधिक से अधिक साइकिल एवं पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
लोगों ने की प्रशासन की सराहना
शहरवासियों ने प्रशासन की इस पहल को अनुकरणीय बताया। लोगों का कहना था कि जब अधिकारी स्वयं इस प्रकार का संदेश देते हैं तो आमजन में भी सकारात्मक प्रेरणा मिलती है। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में प्रभावी पहल बताया। प्रशासन की इस पहल से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि यदि सरकारी स्तर पर जागरूकता के ऐसे प्रयास लगातार किए जाएं तो आमजन भी आसानी से इससे जुड़ सकते हैं और ईंधन बचत के साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
JP Sharma 
