सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गर्मी की छुट्टियों में होगी ऑनलाइन सुनवाई

Supreme Court of India ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान अवकाशकालीन बेंच की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने का फैसला लिया है। ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जजों के लिए कार पूलिंग और कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था भी लागू की गई है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गर्मी की छुट्टियों में होगी ऑनलाइन सुनवाई
Supreme court

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती ऊर्जा चिंताओं के बीच भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। सर्वोच्च अदालत ने फैसला लिया है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान बैठने वाली अवकाशकालीन बेंच अब पूरी तरह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए काम करेंगी।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी सर्क्युलर में कहा गया है कि नए मामलों की सुनवाई के लिए तय दिन — सोमवार और शुक्रवार — सहित अन्य घोषित तारीखों पर भी सुनवाई वर्चुअल मोड में होगी। अदालत ने यह फैसला केंद्र सरकार के 12 मई 2026 के ऑफिस मेमोरेंडम को ध्यान में रखते हुए लिया है, जिसमें ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया था।

जजों को कार पूलिंग की सलाह

सर्क्युलर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के जजों ने भी ईंधन की बचत के लिए कार पूलिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा अदालत की रजिस्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों को भी राहत दी गई है।

कर्मचारियों को मिलेगा वर्क फ्रॉम होम

नई व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के विभिन्न विभागों के 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

ऊर्जा बचत पर फोकस

हाल के दिनों में केंद्र और कई राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए अलग-अलग कदम उठा रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऊर्जा संरक्षण और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा