आवारा कुत्तों पर सुप्रीम फैसला, अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे

आवारा कुत्तों से जनता का बुरा हाल था इसी को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम फैसला, अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे

आवारा कुत्तों को लेकर हर रोज कोई ना कोई खबर सामने आ ही जाती है. देशभर में लगातार सामने आ रही डॉग बाइट की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता को गंभीर बना दिया था। अस्पताल, स्कूल, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट डॉग की मौजूदगी को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी।

इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने अपने नवंबर 2025 के आदेश में बदलाव करने से इनकार करते हुए साफ कहा कि वो जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

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सुप्रीम कोर्ट की मुख्य टिप्पणी
आज की सुनवाई में सबसे जरूरी बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि अनुच्छेद 21 के तहत जिंदगी और आजादी के अधिकार में हर नागरिक का यह अधिकार शामिल है कि वह बिना किसी शारीरिक हमले के लगातार डर या सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों के काटने जैसी जानलेवा घटनाओं के खतरे के आजादी से घूम सके और सार्वजनिक जगहों तक पहुंच बना सके.

बेंच ने आगे कहा, 'राज्य मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकता, जहां ह्यूमन लाइफ के लिए ऐसे खतरे, जिन्हें रोका जा सकता है. ऐसी घटनाएं उन वैधानिक तंत्रों के बावजूद बढ़ती जा रही हैं, जिन्हें विशेष रूप से इन खतरों से निपटने के लिए ही बनाया गया है.' बता दें कि आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 जुलाई को स्वत संज्ञान लिया था.  सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने सभी पक्षों को एक हफ्ते के अंदर अपनी लिखित दलीलें जमा करने का निर्देश भी दिया था और इस मामले में 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. याचिकाकर्ताओं, प्रतिवादियों, भारत सरकार, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI), कुत्तों से प्यार करने वाले लोगों, कुत्तों के काटने से पीड़ित लोगों, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, केंद्र और राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की दलीलें विस्तार से सुनने के बाद, अब मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है.