जयपुर में आमायरा मौत मामला: Neerja Modi School केस में चार्जशीट दायर, जांच में सामने आए गंभीर पहलू

जयपुर के चर्चित 9 वर्षीय छात्रा आमायरा मौत मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। Neerja Modi School से जुड़े इस केस में मानसिक दबाव और संभावित बुलिंग के एंगल की जांच की गई है। चार्जशीट में स्कूल प्रशासन की भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। अब मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच चुका है और आगे की सुनवाई में अहम खुलासों की उम्मीद है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

जयपुर में आमायरा मौत मामला: Neerja Modi School केस में चार्जशीट दायर, जांच में सामने आए गंभीर पहलू

जयपुर : राजधानी जयपुर के चर्चित आमायरा मौत मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने लंबी जांच के बाद इस केस में चार्जशीट दायर कर दी है, जिससे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। 9 वर्षीय छात्रा आमायरा की संदिग्ध मौत ने पहले ही पूरे राज्य को झकझोर दिया था और अब जांच में सामने आए तथ्यों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह मामला जयपुर स्थित प्रतिष्ठित Neerja Modi School से जुड़ा है, जहां पढ़ने वाली छात्रा आमायरा की अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके चलते पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में यह संकेत मिले हैं कि छात्रा मानसिक दबाव और तनाव से गुजर रही थी। जांच में स्कूल के भीतर संभावित बुलिंग (प्रताड़ना) के एंगल को भी शामिल किया गया है। यह भी सामने आया है कि बच्ची ने पहले अपनी परेशानी जाहिर की थी, लेकिन उस पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया गया। इन पहलुओं ने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चार्जशीट में स्कूल से जुड़े कुछ स्टाफ और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की गई है। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि मामले में लापरवाही और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अंतिम फैसला अब अदालत में होगा।

इस घटना के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन भी सक्रिय हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित की गई थी, ताकि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और बच्चों के साथ व्यवहार की पूरी समीक्षा की जा सके। इस केस ने न केवल एक स्कूल बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच चुका है और चार्जशीट के बाद अब आगे की सुनवाई में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। पूरे प्रदेश की नजर इस संवेदनशील मामले पर टिकी हुई है, जहां न्याय की उम्मीद के साथ सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।