राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम' पर सरकार का बड़ा फैसला, 3 मिनट 10 सेकंड का 6 छंदो में पूरा बजेगा राष्ट्रगीत

केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब विशेष सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में आधिकारिक 6 छंदों वाला पूरा संस्करण (3 मिनट 10 सेकंड) अनिवार्य रूप से गाया या बजाया जाएगा। गृह मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रगीत के दौरान सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। यदि ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों का आयोजन हो, तो पहले ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया जाएगा। यह नियम तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति और राज्यपाल के आगमन, संबोधन से पहले और बाद जैसे औपचारिक कार्यक्रमों पर लागू होगा। हालांकि, सिनेमा हॉल में इसे अनिवार्य नहीं किया गया है।

राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम' पर सरकार का बड़ा फैसला, 3 मिनट 10 सेकंड का 6 छंदो  में पूरा बजेगा राष्ट्रगीत

राष्ट्रगीत  वन्दे  मातरम को लेकर सरकार ने नए दिशा निर्देश जारी किए है। अब से चाहे सरकारी प्रोग्राम हो या किसी स्कूल का कोई प्रोग्राम, 6 छंदो वाला पूरा 'वन्दे मातरम' बजाय जायेगा। वन्दे मातरम बजते समय खड़े रहना अनिवार्य होगा। 

केंद्र की नरेंद्र मोदी सर्कार ने राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम' को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए है। जिनके मुताबिक अब विशेष सरकारी कार्यक्रमों में वनडे मातरम के आधिकारिक 6 छंदो का गायन और वादन अनिवार्य होगा। इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड की गयी है। साथ ही गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में साफ खा है की वन्दे मातरम बजने पर सभी को खड़ा होना अनिवार्य रहेगा। 

हालाकिं सिनेमा हॉल जैसी जगहों पर राष्ट्रगीत को लेकर ऐसी कोई अनिवार्यता लागू नहीं की गयी है।  सर्कार ने यह भी खा की स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से ही होनी चाहिए। 

सरकार द्वारा जारी किये गए दिशा-निर्देश में गृह मंत्रालय ने बताया की अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान 'जन गण मन' को एक साथ गाया या बजाय जाता है तो ऐसे में वन्दे मातरम पहले बजाया जाएगा। लोगों को इसके लिए सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश है की वन्दे मातरम को 6 अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि का संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाएगा। इनमें तिरंगा फहराने के दौरान, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन पर, उनके भाषणों और राष्ट्र के नाम सम्बोधन से पहले और बाद में, राज्यपालों के आगमन और उनके भाषणों से पहले और बाद में भी शामिल होगा।