ईरान की राजधानी तेहरान पर इजरायल-अमेरिका का हमला, US ईरान वार्ता के बीच बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमला किया, तेहरान समेत कई शहरों में धमाके। ईरान ने करारा जवाब देने की चेतावनी दी, क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ी।
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया, जिसके तहत राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार धमाके हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे को लेकर बातचीत चल रही थी, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इजरायल ने इस कार्रवाई को “प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक” यानी पहले से खतरे को खत्म करने के लिए उठाया गया कदम बताया है। वहीं अमेरिका ने भी इसमें सहयोग किया और इसे बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा बताया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान के मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े खतरों को खत्म करना बताया जा रहा है।
हमले के दौरान तेहरान में कई इलाकों में विस्फोट सुने गए और आसमान में धुएं के गुबार देखे गए। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। वहीं इजरायल में भी सायरन बजाए गए और सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस हमले का “करारा जवाब” दिया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि ईरान अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया। इजरायल लगातार ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम का विरोध करता रहा है और उसे अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
Saloni Kushwaha 
