जानिए धनतेरस का महत्व, इसकी शुरुआत और क्यों मनाते हैं ये पावन पर्व

दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। यह दिन समृद्धि, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है।

जानिए धनतेरस का महत्व, इसकी शुरुआत और क्यों मनाते हैं ये पावन पर्व

दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। यह दिन समृद्धि, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है। धनतेरस 2025 में 18 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन विशेष रूप से बर्तन, चांदी, सोना, और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की परंपरा है।

धनतेरस का पौराणिक महत्व

धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेदाचार्य माना जाता है और वे स्वास्थ्य एवं आरोग्य के देवता हैं। उनके साथ इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और यमराज की पूजा का भी विधान है। एक मान्यता यह भी है कि इस दिन दीपक जलाकर घर के द्वार पर रखने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। इसी कारण लोग इस दिन "यम दीपदान" करते हैं।

 धनतेरस की शुरुआत कैसे हुई?

पौराणिक कथा के अनुसार, राजा हिम के पुत्र की कुंडली में 16 वर्ष की आयु में मृत्यु का योग था। उनकी पत्नी ने धनतेरस की रात दीपक जलाकर चारों ओर रख दिए और पति को जगाए रखा। यमराज उन दीपों की रोशनी से भ्रमित होकर लौट गए। तभी से दीप जलाकर यमराज के नाम पर दीपदान करने की परंपरा शुरू हुई।

2025 तिथि और मुहूर्त

इस साल धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर, शनिवार की दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन 19 अक्टूबर, रविवार की दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर होगा. यानी उदयातिथि के अनुसार 18 अक्टूबर को

पंचांग के मुताबिक

 धनतेरस का शुभ मुहूर्त 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से शुरू होगा और उस मुहूर्त का समापन 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे समाप्त होगा। इस दिन कई सारे शुभ कार्यों और अनुष्ठान किए जाते हैं। वहीं, इस दिन कुछ शुभ चीजें खरीदना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। तो आइए जानते हैं धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं खरीदना चाहिए।

 धनतेरस पर जरूर खरीदें ये चीजें

  1. सोना और चांदी

धनतेरस के दिन सोना और चांदी के गहने या सिक्के खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है, कहते हैं कि ये एक काम करने से घर में सुख-समृद्धि प्रवेश करती है।

  1. बर्तन

इस दिन तांबा और पीतल के बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ होता है, माना जाता है कि इन दोनों धातु के बर्तन लाने अन्न की देवी अन्नपूर्णा देवी बहुत ही प्रसन्न होती है। 

  1. झाड़ू धनतेरस के दिन अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो इस दिन आप झाड़ू भी खरीदकर ला सकते हैं, कहते हैं कि घर में झाड़ू खरीदकर लाने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है क्योंकि झाड़ू को मां लक्ष्मी का ही प्रतीक माना जाता है।

 क्या ना खरीदें

तेल- धनतेरस के दिन तेल खरीदना बहुत ही अशुभ होता है।
प्लास्टिक- इसके अलावा, इस दिन प्लास्टिक या प्लास्टिक जुड़ी चीजें भी नहीं खरीदनी चाहिए।
काले कपड़े- ज्योतिष शास्त्र में काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है, इसलिए, इस दिन काले रंग से जुड़ी कोई भी चीज ना खरीदें।
जूते- ज्योतिष शास्त्र में जूतों का शनि से संबंध से माना जाता है, इसलिए, इस दिन यह भी नहीं खरीदने चाहिए।
कांच के बर्तन- कांच का संबंध राहु से माना जाता है, इसलिए इस दिन यह भी ना खरीदें।