फसलें बर्बाद तो जिम्मेदारी मंडी समिति की, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का सख्त निर्देश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा और बूंदी जिलों में बेमौसम बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान और कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज के भीगने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा और बूंदी जिलों में बेमौसम बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान और कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज के भीगने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने फसल खराबे की स्थिति पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।
ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों की मदद के लिए तुरंत कार्रवाई करें और फसल सुरक्षा, कृषि सहायता, और बेमौसम बारिश से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि मंडी समितियों को समय-समय पर मौसम संबंधी जानकारी किसानों तक पहुँचानी चाहिए, ताकि वे अपने खेत और फसल को सुरक्षित रख सकें।
लोकसभा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि किसानों की फसलें देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि मंडी समितियों को इस दिशा में सक्रिय निगरानी और तत्परता रखनी होगी, ताकि बेमौसम बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
कलेक्टरों को तत्काल निर्देश
बिरला ने दोनों जिलों के जिला कलेक्टरों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडियों में रखी किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही मंडियों में उपज को पानी से बचाने के लिए पर्याप्त तिरपाल, शेड और ड्रेनेज व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा कृषि विभाग, विपणन बोर्ड और मंडी समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत और सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को आर्थिक हानि न हो। लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को न्यूनतम नुकसान हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर खरीद प्रक्रिया पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जाए, ताकि किसान खराब मौसम में उपज लेकर मंडी न पहुंचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष का यह निर्देश किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और समयोचित कदम है। इससे किसानों को यह भरोसा मिलेगा कि उनके हित में प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।

