चक्रवात मोन्था तूफान में बदला, आज शाम काकीनाडा से टकराएगा, 5 मीटर ऊंची लहरें उठेंगी

बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवात मोन्था ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। आज शाम काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) के तट से टकराने की संभावना है। इससे पहले, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात मोन्था तूफान में बदला, आज शाम काकीनाडा से टकराएगा, 5 मीटर ऊंची लहरें उठेंगी

आंध्र प्रदेश। बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवात मोन्था ने गंभीर रूप धारण कर लिया है और आज शाम तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से टकराने की संभावना है। इससे पहले, काकीनाडा पोर्ट पर खतरे का संकेत संख्या सात (Distant Cautionary Signal No. 7) जारी किया गया है, जबकि विशाखापत्तनम और गंगावरम पोर्ट्स पर खतरे का संकेत संख्या छह और मछलीपट्टनम, निजामपट्टनम और कृष्णपट्टनम पोर्ट्स पर संकेत संख्या पांच जारी किया गया है।

आंध्र प्रदेश में तैयारी

 राज्य सरकार ने काकीनाडा, विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों में 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है, और आपातकालीन कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में अलर्ट

ओडिशा सरकार ने आठ जिलों - मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति, गंजम, कालाहांडी और कंधमाल में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 32,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य "शून्य हताहत" रखना है।

पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भी अलर्ट

पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों - कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के चार जिलों - जयशंकर भूपलपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम और महबूबाबाद में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात मोन्था की स्थिति

 IMD के अनुसार, चक्रवात मोन्था 28 अक्टूबर को काकीनाडा के पास तट से टकराएगा। इस दौरान हवाओं की गति 110 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है, और समुद्र में 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

केरल में 2 लोगों की मौत हुई

सोमवार को केरल में भारी बारिश और तेज हवाओं से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, ओडिशा सरकार ने तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। ओडिशा के आठ जिलों मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगढ़, गजपति, गंजम, कालाहांडी और कंधमाल में 128 रेस्क्यू टीमें तैनात हैं। राहत केंद्रों में खाना, दवा, रोशनी और पालतू जानवरों की व्यवस्था है। सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 30 अक्टूबर तक बंद रहेंगे।

आंध्र प्रदेश CM बोले

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि तूफान मोन्था का प्रभाव मंगलवार सुबह से और तेज हो गया है। 3,778 गांवों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि मोन्था सुबह लगभग 5.30 बजे तूफान में बदल गया। अधिकारियों के अनुसार, 338 मंडलों और 3,778 गांवों में भारी बारिश होने का अनुमान है। सरकार ने 22 जिलों में 3,174 पुनर्वास केंद्र बनाए हैं।

 निवासियों के लिए सलाह

चक्रवात मोन्था के प्रभाव से बचने के लिए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से तैयार हैं, और नागरिकों से अपील की जाती है कि वे सुरक्षित रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में अधिकारियों से संपर्क करें। सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें। सड़क पर जलभराव होने पर यात्रा से बचें। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें।