यूपी मॉब-लिंचिंग मृतक के परिजनों से मिले राहुल, बोले- दलित परिवार को घर में बंद कर दिया गया
राहुल गांधी ने रायबरेली मॉब लिंचिंग में मारे गए दलित हरिओम वाल्मीकि के परिवार से शुक्रवार को फतेहपुर में मुलाकात की। उन्होंने 25 मिनट तक माता-पिता, भाई और बहन से बातचीत की। बाहर निकलने पर उन्होंने कहा- परिवार को घर में बंद कर रखा है, इन्हें डराया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में हुई मॉब-लिंचिंग की एक घटना से जुड़ी दलित पीड़ित परिवार को स्थानीय लोगों/अजनबियों द्वारा डराया-धमकाया जा रहा है। और उन्हें घर में बंद कर दिया गया ताकि वे उनसे न मिल सकें।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़ित दलित परिवार को दबाव बनाकर घर में बंद रखा गया है और उन्हें इस तरह धमकाया जा रहा है। कि वे बाहरी लोगों या नेताओं से संपर्क न कर सकें। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार न्याय की प्रक्रिया और प्राथमिक जांच दोनों के लिए बाधा है और मामले की तत्काल स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
पूरा मामला क्या है
राहुल गांधी ने रायबरेली मॉब लिंचिंग में मारे गए दलित हरिओम वाल्मीकि के परिवार से शुक्रवार को फतेहपुर में मुलाकात की। उन्होंने 25 मिनट तक माता-पिता, भाई और बहन से बातचीत की। बाहर निकलने पर उन्होंने कहा- परिवार को घर में बंद कर रखा है, इन्हें डराया जा रहा है।
उन्होंने कहा, 'आज सुबह सरकार ने परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी। जबरन वीडियो बनवाया। इसकी जानकारी परिवार ने मुझे दी। परिवार मुझसे मिले या न मिले, यह जरूरी नहीं है, बल्कि जरूरी यह है कि जो अपराधी हैं, उनके खिलाफ एक्शन हो।'
दरअसल, राहुल के पहुंचने से करीब एक घंटे पहले हरिओम के भाई शिवम वाल्मीकि ने परिवार के साथ वीडियो जारी किया था। उन्होंने कहा था- राहुल गांधी राजनीति करने न आएं। हम सरकार से संतुष्ट हैं।
2 अक्टूबर को फतेहपुर के हरिओम वाल्मीकि की रायबरेली में चोरी के शक में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। 4 अक्टूबर को एक और वीडियो सामने आया। जिसमें मार खाते हुए युवक राहुल गांधी का नाम लेता है। इस पर भीड़ में से एक शख्स कहता है- यहां सब ‘बाबा’ वाले हैं।
राहुल गांधी ने राज्य प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन पर दबाव डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

