यूरिया खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें, सर्विस लेन पर घंटों का लगा जाम

राजस्थान के कोटपुतली जिले में यूरिया खाद की नई सप्लाई की खबर जैसे ही सोमवार शाम को फैली, ग्रामीण सहकारी समिति (GSS) केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ जमा होने लगी।

यूरिया खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें, सर्विस लेन पर घंटों का लगा जाम

कोटपुतली। राजस्थान के कोटपुतली जिले में यूरिया खाद की नई सप्लाई की खबर जैसे ही सोमवार शाम को फैली, ग्रामीण सहकारी समिति (GSS) केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ जमा होने लगी। मंगलवार तड़के सुबह से ही स्थिति पूरी तरह बदल गई। सूरज निकलने से पहले ही सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ, बाइक और अन्य वाहनों से खाद लेने पहुँच गए, जिससे GSS केंद्रों पर किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं।

महिलाएँ-बुजुर्ग भी लाइन में शामिल

खास बात यह रही कि लंबी कतारों में केवल युवा किसान ही नहीं, बल्कि महिलाएँ और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में नजर आए। कई किसान तो रात दो-तीन बजे से ही GSS के बाहर डेरा डाले हुए थे ताकि सुबह सबसे पहले नंबर आ सके। एक बुजुर्ग किसान ने बताया, “रबी की फसल के लिए यूरिया जरूरी है। पिछले कई दिनों से खाद नहीं मिल रही थी, जैसे ही पता चला कि सप्लाई आई है, हम सब दौड़े चले आए।”

सर्विस लेन पर लंबा ट्रैफिक जाम

GSS केंद्रों के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ और बाइकों की कतार इतनी लंबी हो गई कि जिले की मुख्य सर्विस लेन पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। दिल्ली-जयपुर हाइवे की सर्विस रोड पर कई किलोमीटर तक वाहन रेंगते नजर आए। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले लोग और आम राहगीर भी इस जाम में फंसकर परेशान होते रहे। स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

प्रशासन की तैयारी नाकाफी

स्थानीय किसानों का कहना है कि जिले में पिछले 15-20 दिनों से यूरिया खाद की भारी किल्लत चल रही थी। अचानक सप्लाई आने की सूचना पर एक साथ सभी गांवों के किसान GSS पर पहुँच गए, जिससे प्रशासन की तैयारियां पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। कई केंद्रों पर तो दोपहर तक ही स्टॉक खत्म होने की खबरें आने लगीं।

किसानों ने मांग की है कि सरकार खाद की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करे और GSS पर टोकन सिस्टम या पहले आओ-पहले पाओ की जगह ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू करे ताकि इस तरह की अफरा-तफरी और जाम की स्थिति न बने।