जयपुर में सरदार पटेल की स्मृति में भव्य यूनिटी मार्च का शुभारंभ, CM सहित कई नेता रहे मौजूद

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजस्थान ने राजधानी जयपुर में भव्य यूनिटी मार्च का आयोजन किया।

जयपुर में सरदार पटेल की स्मृति में भव्य यूनिटी मार्च का शुभारंभ, CM सहित कई नेता रहे मौजूद

जयपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजस्थान ने राजधानी जयपुर में भव्य यूनिटी मार्च का आयोजन किया। यह मार्च अमर जवान ज्योति (अमर शहीद स्मारक) से शुरू होकर यमुना किनारे विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए सरदार पटेल के राष्ट्र एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर यात्रा में शामिल बसों को भी फ्लैग ऑफ किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, वरिष्ठ नेता कालीचरण सराफ, सांसद मंजू शर्मा, विधायक बाल मुकुन्दाचार्य, विधायक गोपाल शर्मा, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अंकित चेची, ज्योति खंडेलवाल, चंद्रमोहन बटवाड़ा, जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल, राजेश ताम्बी, नवरत्न नारानिया, संयोजक जितेंद्र गोठवाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बारडोली सत्याग्रह में सरदार पटेल का अमिट योगदान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम में जो योगदान दिया, उसे दशकों तक भुला दिया गया था। एक ही परिवार के गुणगान में देश के अन्य महापुरुषों को जानबूझकर उपेक्षित रखा गया। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन महान व्यक्तित्वों को पुनः सम्मान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से 1928 के बारडोली सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि यहीं गुजरात के किसानों के अधिकारों के लिए सरदार पटेल ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया था। इसी सत्याग्रह के दौरान वहां की महिलाओं ने उन्हें “सरदार” की उपाधि दी थी, जो आज भी उनके पराक्रम का प्रतीक है। उन्होंने किसानों को अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ना सिखाया और ब्रिटिश शासन को झुकने पर मजबूर कर दिया।

कूटनीति से एक भारत-श्रेष्ठ भारत का सपना साकार किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ, तब भारत 562 रियासतों में बंटा हुआ था। हैदराबाद, जूनागढ़ जैसी रियासतें पाकिस्तान में विलय चाहती थीं। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति और दूरदर्शिता से सभी रियासतों को भारत में मिलाने का कार्य किया। कश्मीर एकमात्र ऐसी रियासत थी जिसका पूरा विलय नहीं हो सका और धारा-370 के कारण दशकों तक देश को उसका दंश झेलना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2019 को धारा-370 को समाप्त कर सरदार पटेल के अधूरे सपने को पूरा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यूनिटी मार्च केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सरदार पटेल के राष्ट्र एकता, अखंडता और किसान-शोषितों के अधिकारों के संदेश को हर घर तक पहुँचाने का संकल्प है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी नेताओं ने सरदार पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित किए और राष्ट्रीय एकता के लिए पुनः प्रतिबद्धता व्यक्त की।