स्वराज कौशल का निधन, बीजेपी सांसद बांसुरी के सिर से उठा पिता का साया

भारतीय राजनीति और विधि जगत के एक प्रमुख स्तंभ, स्वराज कौशल का आज (4 दिसंबर 2025) निधन हो गया। वे 73 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ले चुके हैं।

स्वराज कौशल का निधन, बीजेपी सांसद बांसुरी के सिर से उठा पिता का साया

भारतीय राजनीति और विधि जगत के एक प्रमुख स्तंभ, स्वराज कौशल का आज (4 दिसंबर 2025) निधन हो गया। वे 73 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ले चुके हैं। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल न केवल कानूनी क्षेत्र के दिग्गज थे, बल्कि सार्वजनिक जीवन में अपनी निष्पक्षता और तेज दृष्टि के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उनके आकस्मिक निधन से राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। दिल्ली भाजपा ने आधिकारिक रूप से इस दुखद सूचना की पुष्टि की है।

जीवन परिचय: कम उम्र में ऊंचे मुकाम

स्वराज कौशल का जन्म 12 जुलाई 1952 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ था। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही वो उपलब्धियां हासिल कीं, जो बड़े-बड़े नेताओं को नसीब नहीं होतीं। 1990 में, मात्र 37 वर्ष की आयु में उन्हें मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जो भारतीय इतिहास में सबसे कम उम्र के राज्यपाल बनने का रिकॉर्ड है। वे 1990 से 1993 तक इस पद पर रहे। इसके बाद, 1998 से 2004 तक वे हरियाणा से राज्यसभा सांसद के रूप में सेवा प्रदान की। सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट के रूप में उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामले लड़े, जहां उनकी तर्कशक्ति और न्यायबोध ने सबको प्रभावित किया।

मिजोरम में ऐतिहासिक योगदान: शांति के सूत्रधार

स्वराज कौशल को केवल पदों के लिए नहीं, बल्कि उनके कार्यों के लिए याद किया जाएगा। पूर्वोत्तर भारत में शांति स्थापना में उनका योगदान अविस्मरणीय है। वे मिजो शांति समझौते (Mizo Peace Accord) के मुख्य सूत्रधार माने जाते हैं। 1980 के दशक में जब मिजोरम में विद्रोह चरम पर था, स्वराज कौशल ने अंडरग्राउंड मिजो नेता लालडेंगा के साथ गहन बातचीत शुरू की। उनकी कूटनीतिक सूझबूझ और धैर्य से दशकों पुराना संघर्ष समाप्त हुआ, और मिजोरम में शांति की बहाली हुई। इस समझौते ने न केवल मिजोरम को स्थिरता प्रदान की, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक मिसाल कायम की। उनके प्रयासों से हजारों जिंदगियां बचाई गईं और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ।

अंतिम संस्कार और शोक संदेश

दिल्ली भाजपा के अनुसार, स्वराज कौशल का अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे नई दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। बेटी बांसुरी स्वराज ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "पापा स्वराज कौशल जी, आपका स्नेह, अनुशासन, सरलता, राष्ट्रप्रेम और अपार धैर्य मेरे जीवन की रोशनी हैं, जो कभी मंद नहीं होगी। आपका जाना हृदय की सबसे गहरी पीड़ा है।" दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा, "श्री स्वराज कौशल जी का सार्वजनिक जीवन और विधि क्षेत्र में योगदान हमेशा याद किया जाएगा। राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा अविस्मरणीय है।" भाजपा नेता सतीश उपाध्याय समेत कई दिग्गजों ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

स्वराज कौशल का जाना न केवल एक परिवार के लिए क्षति है, बल्कि देश के लिए एक बड़ी हानि है। वे ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति और बौद्धिक क्षमता के प्रतीक थे। उनके सिद्धांतों से प्रेरित होकर नई पीढ़ी आगे बढ़ेगी।