Rajasthan Water Supply: अब हर जिले की पानी सप्लाई एक ही कंपनी संभालेगी, सरकार लाई नया मॉडल
राजस्थान में पेयजल सप्लाई का नया मॉडल लागू करने की तैयारी, अब हर जिले की जिम्मेदारी एक ही कंपनी को सौंपी जाएगी। जानिए क्या होंगे इसके फायदे और बदलाव।
राजस्थान में पेयजल वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार एक नई नीति पर काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में पानी की सप्लाई और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी एक ही बड़ी कंपनी को सौंपी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत हो और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान तेज़ी से हो सके।
एक कंपनी के पास होगी पूरे जिले की जिम्मेदारी
अब तक कई जिलों में जलापूर्ति का कार्य अलग-अलग ठेकेदारों को दिया जाता था, जिनकी निगरानी विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाती थी। नई व्यवस्था में पूरे जिले की पेयजल आपूर्ति का संचालन, मेंटेनेंस और प्रबंधन एक ही एजेंसी को दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, अदाणी वाटर लिमिटेड, एलएंडटी और जीवीपीआर जैसी बड़ी कंपनियों ने इस मॉडल में रुचि दिखाई है। विभाग का मानना है कि केंद्रीकृत जिम्मेदारी तय होने से गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत और तकनीकी खामियों को जल्दी दूर किया जा सकेगा।
नई पॉलिसी से क्या बदल जाएगा?
सरकार इस बदलाव को केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि सेवा गुणवत्ता में सुधार के रूप में देख रही है। एक ही कंपनी को पूर्ण दायित्व मिलने से जवाबदेही स्पष्ट होगी और लापरवाही की संभावना कम होगी।
नीति में प्रदर्शन के आधार पर भुगतान और दंड का प्रावधान भी शामिल किया जाएगा। इससे जलापूर्ति की निरंतरता, गुणवत्ता और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
छोटे ठेकेदारों में नाराज़गी
नई व्यवस्था के ऐलान के बाद कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि बड़े कॉर्पोरेट समूहों को प्राथमिकता मिलने से छोटे ठेकेदारों के रोजगार पर असर पड़ सकता है।
हालांकि विभाग का तर्क है कि यह कदम जनता को बेहतर और स्थायी पेयजल सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
Saloni Kushwaha 
